78 गांवों में कुपोषण के खिलाफ शुरू होगी जंग

जागरूक टाइम्स 196 Jun 18, 2018

जालोर। जालोर जिले के पांच ब्लॉक के 78  गांवों में कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिंग और उपचार की कवायद शुरू हो गईहै। शुरुआत में बच्चों की स्क्रीनिंग की विधि को समझाया जा रहा है। बाद में परामर्श और उपचार की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकारी स्तर पर कुपोषण के खिलाफ राज्य में अभियान तो शुरू हो गया है, लेकिन धरातल पर यह अभियान कितना सफल होगा, समय ही बताएगा।
गौरतलब हैकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास के सहयोग से जिले के पांच ब्लॉक के चयनित 78  गांवों में नौनिहालों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए शुक्रवार से लेडी सुपरवाइजर, एएनएम व चिकित्सकों का आवासीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। भीमनाल में क्षेमकरणी माता के मंदिर में रानीवाडा, जसवन्तपुरा व भीनमाल ब्लॉक का प्रशिक्षण शुरू हुआ। वहीं सांचौर व चितलवाना ब्लॉक का सांचौर में प्रशिक्षण शुरू हुआ। पहले दिन अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डीसी पुन्सल तथा भीनमाल में शहरी कार्यक्रम प्रबंधक हरफुल घिन्टाला ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान गांवों में कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिंग, परामर्श व उपचार के बारे में बताया गया। पांच ब्लॉक के चयनित गांवों में दोनों विभागों के अधिकारी व कार्मिक मिलकर कार्य करेंगे। चिकित्सा विभाग की ओर से सांचौर, चितलवाना, रानीवाड़ा, भीनमाल और जसवन्तपुरा ब्लॉक के चयनित 78 गांवों में समेकित ेकुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के लेडी सुपरवाइजर्स तथा चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों व एएनएम को तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि कुपोषण बच्चों की स्क्रीनिंग कर उनका उपचार किया जा सके। पहले दिन प्रतिभागियों को गांवों में बच्चों की एमएयूसी टेप से स्क्रीनिंग करने की विधि की जानकारी देने के साथ अन्य पहलुओं की जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों ने चार्ट पेपर पर कुपोषण से होने वाले शारीरिक व मानसिक प्रभाव को उकेरा।

हर ब्लॉक से यह हैचयनित गांव

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल बिश्नोई ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत कुपोषण ग्रस्त बच्चों की स्क्रीनिंग कर उपचार किया जाएगा। सांचौर ब्लॉक के 17, जसवन्तपुरा के 13, भीनमाल ब्लॉक के 16 , चितलवाना ब्लॉक के 18 , रानीवाडा ब्लॉक के 14 गांवों का चयन किया गया है। इससे पूर्व इन गांवों की आंगनबाडी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी को 22 से 25 मई तक प्रशिक्षण दिया गया था। अब उक्त गांवों की एएनएम, लेडी सुपरवाइजर तथा चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। 

74 सब सेंटर के 78 गांव चयनित

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच ब्लॉक के 74 सब सेंटर के 78 गांवों का चयन किया गया, जिनमें समेकित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम चलाया जाएगा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक चरणसिंह ने बताया कि भीनमाल ब्लॉक के नवापुरा, नरता, रूचीयार, बोरटा, कौरा, सरथला, नाचौली, भागलसेफ्टा, कुशलापुरा, खेडा बोरटा, पुनासा, निम्बावास, दियो का गोलिया, फागोतरा, थोबाउ गांव का चयन किया गया है। रानीवाड़ा ब्लॉक के कोडी, चितरोडी, सिलासन, आलडी, रामपुरा के, बिलड, आखराड, डाडोकी, मेडा, तावीधर, सुरजवाडा, रोपसी, वेरठा, सांवलावास गांव में कार्यक्रम चलेगा। शहरी कार्यक्रम प्रबंधक हरफुल घिन्टाला ने बताया कि जसवन्तपुरा के माण्डोली, चादणा, सिकवाडा, मुडतरा सिली, सोमता, पुनककल्ला, झाक, बुगांव, चादूर, भरूडी, देलवाडा, खानुपर व भादरला में कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाएगा। सांचौर ब्लॉक के टीटोप, सुरावा, सेडिया, मीरपुरा, गुनदाउ, खारा, वोढा, डागरा, हरियाली, दाता, मोडा जागीर, कुडा, पूर, नागौलडी, नैनोल, लुणियासर, छोटी बिरोल और चितलवाना ब्लॉक के आकोली, मालवाडा, परावा, खिरोडी, तैतरोल, सीवाडा, होथीगांव, रतनपुर, गोमी, कोलियों की गडी, धनेरिया, झोटडा, रामपुरा, कैरिया, रणोदर, हालीवाव, चारणी और विरावा गांव का चयन किया गया है।

                           @ Tarun gehlot. Jagruk



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