योग शिक्षा को विश्व में पहचान दिलाई, कांग्रेस को चिढ़ क्यों - देवल

जागरूक टाइम्स 285 Jul 20, 2019

रानीवाडा। रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मांग संख्या 24 शिक्षा, कला एवं संस्कृति पर बोलते हुये कहा कि भारत दुनिया में ऐसा देश है जो किसी समय शिक्षा के क्षेत्र में विश्व गुरू रहा है। देवल ने कहा कि आज प्रदेश के विद्यार्थियों को जो शिक्षा दी जा रही है उसमें सेवा का भाव, समर्पण, त्याग व राष्ट्रसेवा की भावना का भी समावेश किया जाये। देवल ने बताया कि सदन में जो चर्चा हुई है उसमें योग शिक्षा पर कांग्रेस के विधायकों को चिढ़ क्यों हो रही है जबकि हमें गर्व होना चाहिये कि प्रधानमंत्री मोदी ने योग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष 21 जून को विश्व कलैण्डर में योग दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक कार्य किया है परन्तु हमारे प्रदेश के शिक्षा मंत्री बहुत ही चालाक हैं कि प्रदेश में प्रत्येक वर्ष गर्मियों की छुट्टियों के बाद सभी स्कूलें 19 जून को खुलती थी क्योंकि 21 जून को स्कूलों में भी योग दिवस मनाया जाता था परन्तु कांग्रेस सरकार के शिक्षा मंत्री ने एक आदेश निकाला कि अब प्रदेश की स्कूलें में 24 जून से अध्यापक आयेंगे और एक जुलाई से विद्यार्थियों को आना होगा, अगर बच्चे योग कर लेते तो बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनका मानसिक विकास भी होता परन्तु कांग्रेस सरकार कभी भी शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं रही है।

देवल ने कहा कि पिछली सरकार ने जब वर्ष 2013 में सत्ता छोड़ी थी तो प्रदेश में शिक्षकों के 52 प्रतिशत पद खाली थे और राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में देश में 26 वें नम्बर पर था परन्तु पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने ना सिर्फ शिक्षकों की भर्तिया की बल्कि प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2018 तक देश में दूसरे नम्बर पर लाकर खड़ा कर दिया। देवल ने कहा कि जब प्रदेश में 2013 में हमारी सरकार बनी तो प्रदेश में बहुत सी स्कूलें ऐसी थी, जहाँ या तो नामांकन शुन्य था या बहुत कम था, इसके लिए सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई। जिनमें 141 स्कूलें ऐसी थी जिनमें शुन्य नामांकन था, 4164 स्कूलें ऐसी थी जिनमें 15 से कम नामांकन था, 2800 स्कूलें ऐसी थी जिनमें 15 से 30 तक ही नामांकन था। हमारी सरकार ने ऐसी अनार्थिक स्कूलों को मर्ज किया और तब कांग्रेस के विधायकों ने इसी सदन में जोर-जोर से हल्ला मचाया था कि स्कूलें बन्द कर रहे हो परन्तु इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में ये वादा किया था कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के समय बन्द की गई 22000 स्कूलों को दोबारा शुरू करेंगे परन्तु आपने सिर्फ 2800 स्कूलों को ही दोबारा शुरू करने का विचार किया है।

इसका मतलब ये है कि हमारी सरकार ने अनार्थिक स्कूलों को बन्द करने का जो निर्णय किया था वो सही था या फिर आप अपना राग नहीं बदले और अपने चुनाव घोषणा पत्र के हिसाब से प्रदेश की सभी 22 हजार स्कूलों को दोबारा खोलें। देवल ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा मंे राजनीति व भ्रष्टाचार ना हो इसके लिए शिक्षकों की पोस्टिंग व परमोशन के लिए कांउसलिंग व्यवस्था लागू की थी और मेरिट के आधार पर पोस्टिंग व परमोशन दिया, इसके लिए पूरे राजस्थान के शिक्षक संघों ने तारीफ की थी। वहीं पूर्ववर्ती सरकार के समय जो अभ्यर्थी बीएड व एसटीसी कर रहे थे, उनको भी टेªनिंग के लिए स्कूलों से जोड़ा, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हुई थी। अभी सदन में बहुत जोर-जोर से बात चल रही थी कि प्राईवेट स्कूल फीस व अन्य खर्चों के नाम से शिक्षा में लूट मचा रहे हैं तो इसके लिए भी हमारी सरकार ने एक एक्ट बनाकर प्रदेश के लगभग 28000 प्राइवेट स्कूलों पर ये लागू भी किया।

देवल ने कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकार के समय 2013-2014 में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का परिणाम 58 प्रतिशत था और जब हमारी सरकार थी तो वर्ष 2017-18 में परिणाम 74 प्रतिशत हुआ और वर्ष 2018-19 में 80 प्रतिशत हुआ, इसलिए सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम में 80 प्रतिशत से भी ज्यादा की वृद्धि हो। देवल ने कहा कि भाजपा सरकार ने गार्गी पुरस्कार योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख 46 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय केवल 44 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया था। देवल ने प्रदेश के स्कूलों में मिड-डे मील योजना में बच्चों के लिए खाना बनाने वाले संविदा कार्मिकों का मानदेय बढ़ाने की भी मांग की। साथ ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक जिनको इस सरकार ने फरवरी, मार्च से वेतन नहीं दिया है उनको भी वेतन दिया जाये और प्रदेश में आज भी 19 हजार 560 विद्यालय ऐसे हैं जहाँ बाउण्ड्री नहीं है, भाजपा सरकार ने नरेगा के तहत स्कूलों की बाउण्ड्री बनाने का काम शुरू किया था उसको आगे बढ़ाया जाये। प्रदेश में कई सरकारी स्कूलों के भवन जर्जर अवस्था में हैं उनके लिए विभागीय मांग के अनुसार 1500 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बजट का इसी वर्ष में प्रावधान किया जाये।

देवल ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र रानीवाड़ा में भाजपा सरकार के समय वर्ष 2017-18 में राजकीय महाविद्यालय खुल गया था जिसमें आज लगभग 400 से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हैं परन्तु महाविद्यालय के भवन के लिए ना तो अभी तक भूमि आवंटित की गई है और ना ही भवन निर्माण के लिए बजट दिया गया है, इसलिए रानीवाडा महाविद्यालय के लिए तुरन्त प्रभाव से भूमि आवंटित की जाकर भवन निर्माण हेतु इसी बजट में राशि स्वीकृत की जाये तथा काॅलेज में इतिहास, अंग्रेजी व अर्थशास्त्र विषय के लेक्चरर के खाली पदों को भरा जाये तथा काॅलेज में गैर शैक्षणिक स्टाफ के 13 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 12 पद खाली पड़े हैं, केवल 1 द्वितीय श्रेणी का लिपिक कार्यरत है उसके भरोसे पूरा काम है जिससे काॅलेज की प्रशासनिक व्यवस्था चरमराई हुई है, इसलिए गैर शैक्षणिक स्टाफ के खाली 12 पदों को भी शीघ्र भरा जाये।





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