74 किमी लंबी नर्मदा मुख्य कैनाल के किनारे बनी सड़क बनने के एक साल के भीतर ही उधड़ी

जागरूक टाइम्स 235 Aug 8, 2019

सांचौर : नर्मदा मुख्य कैनाल के किनारे करोड़ो रूपये खर्च कर बनाई गई सड़क विभाग की मिलीभगत से सालभर में ही बिखर गयी। वहीं दुसरी ओर सड़क निर्माण के नाम घटिया सामग्री उपयोग होने व मापदंड के अभाव में बनाई सड़क उखड़ जाने के बावजूद विभाग के अधिकारी अनजान बने हुए है। ऐसे में विभाग की बड़े स्तर पर लारवाही व कन्स्ट्र1शन कंपनी के साथ मिलीभगत के पुर्व में कई बार आरोप भी लग चुके है। ऐसी पस्थिति में बड़े स्तर पर हुई अनियमितता को लेकर प्रशासन ने उक्त मामले को लेकर न तो मामले की जांच करवाई और न ही दोषी अधिकरियो के खिलाफ कोई कार्यवाही की ।

विभाग की उदासाीनता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है, नर्मदा मुख्य कैनाल के किनारे बनाई सड़क की न तो गारंटी पीरियड का पता है और न ही लागत । ऐसे में विभाग की उदासीनता की बदौलत सरकार को करोड़ो रूपये का चुना लगा दिया गया है। नर्मदा मुख्य कैनाल जो की ७४ किमी लंबी है, जिसकी अधिकांश दूरी पर डामरीकरण सड़क का निर्माण भी हो चुका है, किन्तु मौका स्थल पर तो थिकनैश के आधार पर माल डाला गया है, और न ही कंकरीट बिछाई गई है। ऐसे में सड़क पर चलने वाले पशुओ के खुर से डामरीकरण सड़क उधड़ जाने से सड़क की गुणवता का सहज की अंदाज लगाया जा सकता है।

पांच की गांरटी पीरियड, पैचवर्क भी उचित नहीं समझ रहा विभाग - नर्मदा मुख्य कैनाल पर बनी डामरीकरण सड़क विभाग के भ्रष्ट्राचार के सिस्टम को उजाकर करता है। मुख्या कैनाल के डेडवा मीठी बेरी सरहद के बीच सड़क इस कदर टूटी हुई हुई कि वहां वाहनो का चलना खतरे से खाली नहीं है, गडो में त4िदल सड़क की बदौलत वाहन कभी असंतुलित होकर नहर में गिर सकते है। जबकि उक्त सड़क को बने सालभर भी नहीं हुआ है। ऐसे में विभाग की उदासीनता सवालो के घेरे में है।

सड़क कब बनी टूटी जि6मेदारो को पता नहीं भुगतान उठा लिया - नर्मदा विभाग के अधिकारियों की बात पर विश्ववास किया जाये तो उक्त सड़को के निर्माण व मापदंडो पर भरोसा करे तो विभाग ने टेन्डर के बाद वर्क ऑर्डर व भ्भुगतान भी कर दिया किन्तु अभी तक अधिकारी टर्म ऑफ कन्डीशन से अनभिज्ञ है। जो अधिकारियो की जबाबदेही को लेकर सवाल खड़ी करता है। यहां पर पूर्ण रूप से बिखर ख्चुकी है नहरी सड़क सड़क - नर्मदा मुख्य कैनाल के डेडवा मिठीबेरी सरहद, लालपुर हैड से पालड़ी सरदहद तक टांपी बी माईनर सहित नहरी सिस्टम जहां पर डामरीकरण सड़के बनी है, अधिकांश उखड़ चुकी है। जिसको लेकर न तो कन्स्ट्रकशन कंपनी को नोटिस दिया गया है और न ही उक्त सड़क को ठीक किया गया है। जिसको लेकर विभाग की उदासीनता सवालो के घेरे में है। नहरी सड़क में अनियमितताओं को लेकर शिकायतो के बावजूद कार्यवाही नहीं - नर्मदा नहर परियोजना के किनारे बनाई सड़को के निर्माण के दौरान ग्रामीणो द्वारा विभाग व प्रशासन को कई बार लिखित में भी कई बार अवगत करवाया गया था, किन्तु आज दिन तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। ऐसे में विभाग की उदासीनता की बदौलत घटिया गुणवता की सड़क बनने का खामियाजा जहां ग्रामीणो को उठाना पड़ रहा है, वहीं विभाग की मिलीभगत से सरकार को करोड़ो रूपये का राजस्व के नाम पर चुना लगा दिया गया।


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