कहां गए सांसद के वादे, आए फिर चुनाव, जनता मांगेगी जवाब, विपक्ष को मिलेगा मुद्दा

जागरूक टाइम्स 1218 Jan 11, 2019

रानीवाड़ा। भाजपा शासन में प्रदेश के तमाम मंत्री, विधायक व सांसदों ने समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों में राजस्थान के अभुतपूर्व विकास की गाथाएं जनमानस को खूब सुनाई तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से प्रदेशवासियों के लाभान्वित होने से राजस्थान को विकसित करने का खूब ढि़ढोरा पीटा लेकिन राजस्थान के मतदाताओं ने भाजपा शासन के विकास को नकारते हुए कांग्रेस के सिर जीत का सेहरा बंधवाकर प्रदेश की बागडोर संभालने का पुनरू मौका दे दिया।

कहीं न कहीं पश्चिमी राजस्थान में जनप्रतिनिधियों के बार-बार वादे करने के उपरांत भी रेल सेवाओं का विस्तार नहीं होना भी भाजपा को हुए नुकसान का कारण बना है। कहने को तो स्थानीय सांसद के अनुसार राजस्थान के साथ-साथ जालोर ने विकास के क्षेत्र में मिसाल कायम की है, सांसद को कहीं भी बोलने का मौका मिला, तो वे यह कहते नहीं थके हैं लेकिन यह विडम्बना ही है कि रेलवे के नाम पर जालोर तक विकास पहुंच ही नहीं पाया।

गिनाने को यहां यूं तो कई समस्याएं हैं लेकिन सबसे बड़ी है वो है रेल परिवहन की, मामला सांसद देवजी पटेल से जुडा है और उनके स्तर का हैं। पिछले चुनावों के समय उन्होंने इस समस्या का समाधान तलाशने के प्रमुखता से प्रयास करने के वादे भी किए थे, लेकिन शायद अब उन्हें यह सब याद नहीं, इसलिए जालोर से रेल रूठी हुई है। यह जानकर आपको भी हैरत ही हो कि जालोर में अब भी केवल दो ही नियमित रेले जोधपुर से पालनपुर चलती हैं।

इसके अलावा जालोर से मुम्बई, यसवंतपुर, गाधीधाम के लिए साप्ताहिक रेले चलती हैं जिनका आम जनता को कोई फायदा नही मिलता है यात्री भार को देखते हुए न तो इन टैकृनो में सामान्य बोगियों की संख्या पर्याप्त है ना ही इनका जुड़ाव रेलवे से कहीं ओर भी हुआ है। जबकि सरकार दावा ठोक रही है कि यह विकास की ओर बढ़ता हुआ भारत है। वाह।।

पिछली यूपीए सरकार में स्वयं सांसद अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ रेल सुविधाओं के विस्तार हेतु धरना प्रदर्शन करते थे लेकिन अब अपनी ही सरकार में सांसद शायद अपना किया हुआ वादा भूल गए है, इसलिए जिले से अब तक रेल रूठी हुई है। ऐसा लगता है कि चुनावों में दावे करने वाले सांसद देवजी पटेल को रेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने में पसीना छुट रहा है। लोकसभा चुनाव सिर पर है, यात्री गाडि़यों को लेकर जनता लोक लुभावने वादे करने वालों से जवाब मांगेगी, दुसरी तरफ विपक्ष को भी घर बैठे-बिठाये मुद्दा मिल जाएगा।

यात्री गाडी शुरू करने को लेकर भाजपा ने दिया था धरना - गौरतलब है कि जालोर-सिरोही के सांसद देवजी एम पटेल ने 5 सितम्बर 2010 को रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर बहुप्रतीक्षित समदड़ी-भीलड़ी रेल मार्ग पर यात्री गाड़ी के संचालन को शुरू करने की मांग को लेकर धरना भी दिया था। भाजपा के एक दिवसीय धरने में सांसद ने कहा था कि इंसान पर जन्म भूमि का बहुत बडा कर्ज होता है। किसी बडे पद पर पहुंचने वाला बडा नही होता बल्कि उसे बनाने वाला सबसे बड़ा होता है। अतः व्यक्ति को कभी भी अपनी जन्म भूमि को नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि भूमि का दर्द उसका अपना दर्द होता है ।

सांसद पटेल ने 2010 में कहा था कि आमान परिवर्तन से लगातार तेज रफतार के साथ माल गाडि़यों का संचालन होने से सवारी गाडियों को चलाने के वे भरसक प्रयास करेंगे और यहां रेलवे परिवहन को सुगम बनाकर ही रहेंगे। पर पता नहीं वो समय कब आएगा, यह तो स्वयं सांसद भी शायद नहीं बता सकते। हालांकि सांसद के समर्थकों का कहना है कि इस मार्ग पर यात्री गाड़ी के संचालन को लेकर सांसद संसद में आवाज उठा चुके हैं एवं रेल मंत्री से भी मिलकर कई बार आग्रह किया। वे लगातार रेलवे के अधिकारियों व मंत्री के सम्पर्क में है, इधर जब भी पटेल से इस संदर्भ में मीडिया ने पहले कभी पूछा वो इशारों ही इशारों मे तत्कालीन कांग्रेस सरकार को इसका दोषी ठहराते रहे है।

वर्तमान स्थिति यह बन गई है, अब जब केन्द्र में इनकी सरकार है तो इनसे कोई जवाब देते नहीं बन रहा। जबकि किसी समय इन्हीं सांसद पटेल ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा था कि यदि समय रहते रेलवे द्वारा पर्याप्त सवारी गाडिया नहीं चलाई गई तो वे स्वयं जनता के साथ धरने पर बैठेंगे। मगर अब उन्हें यह सब याद नहीं। वे केवल संसद में मुद्दों पर बात करके सुर्खिया जरूर बटोरते हैं लेकिन वास्तविक रूप में रेल विस्तार के क्षेत्र में धरातल पर प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।

मोदी सरकार से आस बंधी थी वो भी टूटने लगी - मोदी सरकार के शासन में आते ही जालोर की जनता को आस बंधी थी कि इस बार जरूर रेल सुविधाओं में विस्तार होगा और नयी रेल गाडियां जिले को मिलेगीं, क्योंकि सांसद देवजी पटेल को दुबारा यहां के लोगों ने संसद की सीढि़या चढवाई थी। पटेल ने केन्द्र की भाजपा सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल में रेल बजटो से पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु से व्यक्तिगत मुलाकाते कर क्षेत्र के लिए नई रेल गाडियां शुरू करने, मौजूदा रेल गाडियों के फेरे बढाने, नियमित करने एवं लोकल टैªने चलाने, आरक्षण कोटा बढाने, रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढाने, ओवरब्रिज स्वीकृत करवाने, बार-बार माल गाडियों की आवाजाही के कारण रेल फाटकों पर होते ट्राफिक जाम से निजात दिलाने जैसी कई मांगे रखी लेकिन सांसद पटेल अपनी ही सरकार में रेलमंत्री से जालोर की जनता के लिए ना कोई नई रेल ला पाए और ना ही कोई सुविधाएं जुटाने में वो सफल रहें।

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