...इन कार्मिकों को कौन समझाए कि दूध पीते या छोटे बच्चों को क्या वे संभालेंगे ?

जागरूक टाइम्स 103 Jun 18, 2018

जालोर। जिला मुख्यालय पर तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के लेवल फस्ट की सोमवार को वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले दिन महिलाओं और विकलांगों के दस्तावेजों को चैक किया गया। हालांकि वेरिफिकेशन के दौरान स्थान छोटा पड़ गया, वहीं गर्मीके कारण लोगों की स्थिति खराब हो गई।  शिक्षा विभाग के कार्मिक यही कह रहे थे कि महिला अभ्यर्थियों के साथ तीन से चार लोगों के आने के कारण स्थितियां बिगड़ी है। ऐसे में इन कार्मिकों को कौन समझाए कि दूध पीते या छोटे बच्चों को संभालने के लिए उनके परिजन साथ नहीं आएंगे तो क्या वे संभालेंगे। करीब सात सौ अभ्यर्थियों का वेरिफिकेशन किया गया। इधर छाया की स्थिति भी कुछ विशेष नहीं थी। लोग बबूल के पेड़ के नीचे बैठे नजर आए। इससे जिला परिषद और शिक्षा विभाग की व्यवस्थाएं भी नाकाफी साबित हुई। मंगलवार और बुधवार को भी वेरिफिकेशन प्रक्रिया होगी। आगामी पांच जुलाई और छह जुलाईको काउंसलिंग डेट तय की गईहै।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय पर सोमवार को तृतीय श्रेणी अध्यापकों के फस्ट लेवल की वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत हजारों की संख्या में भीड़ हो गई। हालांकि करीब ७०० अभ्यर्थियों के ही दस्तावेज वेरिफिकेशन करने से थे। लेकिन हर अभ्यर्थीके साथ दो-चार परिजन आने से स्थिति बिगड़ गई। महिला अभ्यर्थी होने से परिजनों का आना स्वाभाविक था।

कहते रहे, इतने साथ लेकर क्यों आए

वेरिफिकेशन के दौरान कईअभ्यर्थियों की ओर से समस्या होने पर आवाज उठाने पर वहां ड्यूटी दे रहे शिक्षा विभाग के कार्मिक कहने लगे कि इतने साथ क्यों लाए। ऐसे में कार्मिकों का जवाब भी बेतुका लगा। जिस शहर में कोईमहिला पहली बार आ रही है, ऐसे में उनके परिजनों का साथ आना स्वाभाविक है। इधर ठण्डे पानी को लेकर भी परेशानी हुई।

बच्चों को संभालते रहे परिजन

महिलाओं के साथ आए बच्चों को उनके परिजन संभालते रहे। कईमहिलाओं के साथ तो दूध पीते बच्चे थे। ऐसे में बच्चों की भी स्थिति चिंता जनक हो गई। वहीं उचित प्रबंध नहीं होने से लोगों को परेशानी हुई।

                             @ Tarun gehlot. Jagruk



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