जालोर के इस युवक ने संघर्ष से लिखी कामयाबी की इबारत, बॉलीवुड में बनाई सफल प्रोडक्शन कम्पनी

जागरूक टाइम्स 4320 Jul 24, 2018

- फिल्म,धारावाहिक,टीवी विज्ञापनों की शूटिंग करती है रोरिंग लायन्स प्रोडक्शन

- जालोर के शंखवाली गांव के गोपालसिंह राजपुरोहित की मेहनत लाई रंग


अल्लाह बख्श खान @ जागरूक टाइम्स

जालोर.  मायानगरी मुम्बई की चकाचौंध हर किसी को लुभाती है। हर साल यहां लाखों युवा अपने सपने सच करने की उम्मीद लेकर आते हैं। उनमें से अधिकांश हताश-निराश होकर लौट आते हैं, लेकिन कुछ युवा ऐसे बिरले भी होते हैं जो अपने जुनून और जज्बे के बूते विकट हालात को भी अपने पक्ष में कर लेते हैं। इस बात को साबित कर दिखाया है जालोर जिले के शंखवाली गांव निवासी गोपालसिंह राजपुरोहित ने। 

गांव की पगडंडियों को पार करके मायानगरी तक का सफर तय करने वाले गोपाल सिंह राजपुरोहित आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। गोपालसिंह ने शायद हारना नहीं सीखा है। कहते हैं सोना तपकर ही खरा बनता है और गोपालसिंह पर ये कहावत सटीक बैठती है। अपनी दूरदर्शी सोच, कड़ी मेहनत और लगन के बूते तमाम कठिनाइयों और संघर्ष को पार कर आज वे मुंबई में खुद की लाइन प्रोडक्शन कंपनी चला रहे हैं। लेकिन इस कामयाबी के सफर के पीछे उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी है।

मधुर व्यवहार, काम के प्रति समर्पण और ईमानदारी के चलते थोड़े समय में ही इस शख्स ने बॉलीवुड में सबके बीच खास जगह बनाई है। आज इनकी कंपनी 'रोरिंग लायन्स प्रोडक्शन' एक जानी-मानी और सफल कंपनियों में गिनी जाती है। ये कंपनी फिल्मों, धारावाहिकों और टीवी विज्ञापनों के लिए ऑउटडोर शूटिंग का काम बख़ूबी करती है। छोटे से गांव के मध्यमवर्गीय परिवार के इस होनहार युवा की कामयाबी से आज न सिर्फ शंखवाली बल्कि पूरे प्रदेश को गर्व है।

ख़ास बात ये है कि गोपालसिंह के परिवार से किसी का भी बॉलीवुड से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं रहा। कहते हैं कि बॉलीवुड में बिना गॉडफादर के आगे नहीं बढ़ा जा सकता, लेकिन गोपालसिंह ने अपनी मेहनत और लगन से ये साबित कर दिया कि बिना किसी गॉडफादर के भी तरक्की हासिल की जा सकती है। बशर्ते आपमें कामयाब होने का जुनून हो। गोपालसिंह के दोस्त इस बात पर फख्र करते हैं कि उनके दोस्त ने अपनी राह न सिर्फ खुद चुनी और बनाई है, बल्कि उसमें कामयाबी भी हासिल की है।

इन सबके बावजूद खास बात यह है कि आज गोपालसिंह की कम्पनी में सौ से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन वे अब अपनी मंजिल पाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। बकौल गोपाल, कंपनी पुणे, राजस्थान और भारत के कई शहरों में बड़े इवेन्ट्स करने की योजना बना रही है। इसके अलावा वेब सीरीज की भी तैयारी चल रही है। साथ ही उनकी कंपनी नेटफ्लिक्स के लिए कुछ बॉयोपिक भी बनाने जा रही है।

लम्बे संघर्ष की कहानी

नौ साल की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि आज गोपाल सिंह की लाइन प्रोडक्शन कंपनी में 100 से ज्यादा कर्मचारी देश के विभिन्न राज्यों में काम कर रहे हैं। गोपालसिंह की कंपनी रोरिंग लॉयन्स प्रोडक्शन्स देशभर में शूटिंग के लिए न सिर्फ बेहतरीन लोकेशन्स उपलब्ध कराती है, बल्कि फिल्म, धारावाहिक और विज्ञापन की शूटिंग के लिए ज़रूरी सभी संसाधन और उपकरण भी उपलब्ध कराती है।

अपने मित्र पर फख्र

मुझे अपने मित्र की सफलता पर फख्र है। गोपाल के मुंबई चले जाने से हम डरे हुए थे कि बिना किसी जान-पहचान के कैसे काम हो पाएगा, लेकिन आज हमें गर्व है कि हमारे मित्र गोपाल ने अपना रास्ता खुद तय किया है। न सिर्फ समाज को, बल्कि पूरे प्रदेश को गोपाल पर गर्व है।

- विक्रमसिंह राजपुरोहित, तोलियासर, श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर (बचपन के मित्र)

अभी बहुत कुछ करना बाकी

धैर्य और खुद पर विश्वास रखकर सहजता से काम करने के बाद ही मैं ये मुकाम हासिल कर पाया हूं। अभी बहुत कुछ करना बाकी है, जिससे अपने गांव और राजस्थान का नाम रोशन कर सकूं। मुंबई बेहद प्रोफेशनल शहर है, यहां काम करने वालों की बहुत क़द्र है। ये शहर निराश नहीं होने देता है।

- गोपाल सिंह राजपुरोहित (ऑनर, रोरिंग लॉयन्स प्रोडेक्शन्स)

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