भीनमाल : आबादी के आंकड़ों में उलझी 160 करोड़ की सिवरेज परियोजना, यह है पेंच...

जागरूक टाइम्स 332 Jul 24, 2018

परबतसिंह राव @ जागरूक टाइम्स

भीनमाल. शहर को गंदे पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगरपालिका की ओर से करीब तीन साल पहले बनाई गई सिवरेज परियोजना आबादी के आंकड़ों में उलझ कर रह गई है। स्वायत्त शासन विभाग ने वर्ष 2011 की जनसंख्या को आधार मानते हुए योजना स्वीकृत करने से मना कर दिया। ऐसे में परियोजना के सर्वे पर खर्च किए गए तीस लाख रुपए के सरकारी धन पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है। ऐसे वर्ष 2021 के जनसंख्या आंकड़े जारी होने तक शहर में सिवरेज का सपना साकार होने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
दरअसल, नगरपालिका की ओर से करीब तीन वर्ष पूर्व 30 लाख रुपए व्यय कर 160 करोड़ 40 लाख 59 हजार की सिवरेज परियोजना बनाई गई थी। उस समय शहर की जनसंख्या 53368 थी। परियोजना के लिए नगर पालिका की ओर से सर्वे पर भी करीब तीस लाख रुपए खर्च किए गए, लेकिन स्वायत्त शासन विभाग ने परियोजना को वर्ष 2011 की जनसंख्या के आंकड़ों को देखते हुए नामंजूर कर दिया। जिसके अनुसार शहर की आबादी पचास हजार से मात्र 1289 कम थी। ऐसे में परियोजना ठंडे बस्ते में दफन होने के साथ ही सर्वे पर खर्च किए गए लाखों रुपए भी निरर्थक साबित हो रहे हैं। इस तरह वर्ष 2021 तक सिवरेज का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा, जब तक जनसंख्या के नए आंकड़े जारी नहीं हो जाते।

तीस साल के लिए बनाई परियोजना

नगरपालिका की ओर से आगामी 30 वर्षों तक शहर के विस्तार और आबादी को आधार मानकर गंदे पानी की समस्या से निजात दिलवाने के लिए साधारण बैठक में सिवरेज परियोजना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इसके बाद डीपीआर को लेकर निविदाएं आमंत्रित की गई। जिसमें सर्वे की निविदा जयपुर की फर्म के नाम खुली थी। संबंधित फर्म द्वारा तीन बार डीपीआर बनाकर नगरपालिका प्रशासन को सुपुर्द की गई, लेकिन विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण के दौरान खामियां पाए जाने पर पुन: लौटाई गई। इसके बाद शहर को दो भागों में विभक्त कर नगरपालिका परिधि और गत 10-15 वर्षों में बसी नई कॉलोनियों का अलग-अलग सर्वे कर अलग-अलग डीपीआर तैयार की गई। विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण के बाद 5 नवंबर 2016 को यह डीपीआर स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक को भेजी गई। जहां पूर्व में तो बजट का अभाव होना बताकर रोक दी थी, लेकिन इसके बाद तत्कालीन स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने वर्ष 2011 में शहर की आबादी 50 हजार नहीं होने का हवाला देते हुए इसे नामंजूर कर दिया। इसके लिए शहर की जनसंख्या 1289 व्यक्ति कम होना बताया गया।

तीन सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट प्रस्तावित

शहरी भाग के लिए कराड़ा नाडा के पास 2 एमएलडी, जुंजाणी मार्ग स्थित भीलों की ढाणी के पास 2.5 एमएलडी और जालोर मार्ग पर स्थित खजूरिया नाला के पास 3 एमएलडी का सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाना प्रस्तावित है। जहां पर गंदे पानी प्रशोधन के बाद खाद व पानी को अलग-अलग किया जाएगा। 

शहरी व बाहरी भागों में पाइप लाइन बिछाना प्रस्तावित

नगरपालिका सीमा के बाहर गत 10-15 वर्षों में बसी नई कॉलोनियों के लिए तैयार डीपीआर में 55.13 किलोमीटर लाइन बिछाना प्रस्तावित है। जिस पर 39 करोड़ 11लाख 15 हजार रुपए व्यय होंगे। वहीं शहर सीमा के अंदर 167.73 किलोमीटर लाइन बिछाना प्रस्तावित है, जिस पर 121 करोड़ 29 लाख 44 हजार रुपए व्यय होंगे।

पांच बायो डाइजेस्टर पॉइंट प्रस्तावित

बाहरी क्षेत्र के लिए दासपां मार्ग स्थित खजूरिया नाला के पास समेत जरूरत पडऩे पर अलग-अलग स्थानों के लिए 500 केएल के तीन, 750 केएल का एक और 1000 केएल का एक बायो डाइजेस्टर प्वाइंट बनाना प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से गंदे पानी का प्रशोधन कर खाद व पानी का अलग-अलग उपयोग किया जाएगा।

11557 मेन हॉल (जंक्शन) प्रस्तावित

शहर सीमा के अंदर गंदे पानी को एकत्रित करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर कुल 8732 व बाहरी भाग में 2825 मेन हॉल बनान प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से गंदे पानी को एकत्रित कर निर्धारित प्वॉइंट में डाला जाएगा। 

यह रहेगी बजट में हिस्सेदारी

सिवरेज के लिए 160 करोड़ 40 लाख की भारी भरकम परियोजना के लिए 80 प्रतिशत केंद्र सरकार, 10 प्रतिशत राज्य सरकार व 10 प्रतिशत स्थानीय निकाय की ओर से बजट की व्यवस्था की जानी है, लेकिन राज्य सरकार की उदासिनता के चलते यह परियोजना स्वायत्त शासन विभाग जयपुर में अटकी पड़ी है। 

वर्ष 2006 में पहली बार बनी थी डीपीआर

वर्ष 2006 में केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रुप से संचालित लघु एवं मध्यम कस्बों में आधारभूत सुविधाओं के निर्माण कार्यक्रम के तहत अरबन इंफ्रास्टक्चर डवलपमेंट और स्मॉल एंड मीडियम टाउन योजना के तहत भीनमाल शहर में गंदे व वर्षा के पानी की निकासी के लिए नगरपालिका की ओर से सीवरेज परियोजना के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाई थी। जिस पर कंपनी की ओर से तैयार 20 करोड 53 लाख की परियोजना को 1 जून 2007 को राजस्थान अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन जयपुर को भेजी गई। जहां परियोजना पर अमल नहीं होने पर नगरपालिका की ओर से 21 अगस्त 2007 को पत्र भेजकर योजना पर अमल की मांग की गई। ऐसे में राजस्थान अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने संशोधन के लिए यह परियोजना को पुन: नगरपालिका को भेजी। नगरपालिका की ओर से आवश्यक संशोधन के बाद पुन: डीपीआर तैयार करवाकर वर्ष 2008 में अनुमोदन के लिए भेजी गई, लेकिन बजट के अभाव में यह परियोजना ठंडे बस्ते में दफन हो गई थी। 

योजना के मायने

करीब 55 हजार आबादी वाले भीनमाल शहर के विभिन्न गली-मोहल्लों से गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था के अभाव में सड़क पर ही गंदा पानी जमा होता है। जिसके चलते आमजन का जीना मुहाल हो रखा है। प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य शहर को गंदे पानी की समस्या से निजात दिलवाना है। प्रोजेक्ट की क्रियान्विति समय पर होती तो शहर को गंदे पानी की समस्या से निजात मिलेगी।

इनका कहना है...
स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने 2011 में शहर की आबादी 50 हजार नहीं होना बताकर परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। एक बार पुन सीएम को अवगत करवाकर मंजूरी का प्रयास किया जाएगा। 

- सांवलाराम देवासी, अध्यक्ष नगरपालिका भीनमाल

इस संबंध में सीएम व स्वायत्त शासन मंत्री से मुलाकात कर शहर के वर्तमान हालात से अवगत करवाकर परियोजना को मंजूर करवाने का प्रयास किया जाएगा। 

-पूराराम चौधरी, विधायक भीनमाल

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