सांगाणा में हंगामे की भेंट चढ़ा ऋण माफी शिविर, विरोध की भनक पर नहीं पहुंची विधायक

जागरूक टाइम्स 608 Jul 31, 2018

जालोर @ जागरूक टाइम्स

सायला उपखंड क्षेत्र के सांगाणा कस्बे के अटल सेवा केंद्र में राज्य सरकार द्वारा फसली ऋण माफी योजना के तहत मंगलवार को शिविर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जालोर विधायक अमृता मेघवाल को बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करनी थी, लेकिन स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा विधायक के विरोध की पहले से भनक लगने से विधायक तक सूचना पहुंच गई। लिहाजा, विधायक ने कार्यक्रम में विरोध से बचने के लिए दूरियां बनाए रखी और अंत तक कार्यक्रम में विधायक नही पहुंची। 

ज्ञात रहे की इससे पहले प्रत्येक ग्राम पंचायत के ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में विधायक बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करती रही है। इससे पहले भी कई जगहों पर विधायक का विरोध और घेरने की खबरे आ चुकी हैं। ऐसे मेंं अब किसानों के गुस्से का सामना सहकारिता विभाग के कार्मिकों को झेलना पड़ा। मंगलवार काफी देर विधायक के इंतजार के बाद दोपहर को शुरू किया गया ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस दौरान सहकारिता विभाग के कार्मिकों को भारी विरोध झेलना पड़ा और इक्का दुक्का किसानों को प्रमाण पत्र वितरित कर पर्यवेक्षक ओर व्यवस्थापक कार्यक्रम से भाग निकले।

किसानों का आरोप है कि सरकार प्रमाण पत्र देकर किसानों को भृमित कर रही है। जबकि हकीकत में किसानों को प्रमाण पत्र के सिवाय रिकॉर्ड में रुपए माफ नहींं किए जा रहे हैंं। किसानों ने बताया कि लघु ओर सीमांत किसानों के महज 4000-4500 रुपए कागजोंं मेंं माफ किए जा रहे हैं, जबकि 5 और 8 से भी अधिक हैक्टेयर जमीन वाले किसानों के 50 हजार रुपए माफ किए जा रहे हैं। किसानों ने सोसायटी संचालकों पर लापरवाही एवं मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सोसायटी संचालकों की कुछ किसानों से सांठगांठ है। ऐसे में पात्र लोगों के ऋण नियमानुसार माफ करने की बजाए रुपयों में हेरफेर की जा रही है।

इक्का-दुक्का किसानों को प्रमाण पत्र देकर चलते बने कार्मिक

सहकारी समिति के कार्मिकोंं द्वारा किसानों के ऋण माफी में हेराफेरी को लेकर किसानों द्वारा शिविर में विरोध करने पर सहकारिता विभाग के कार्मिकों ने वहां से निकलने में देरी नहींं लगाई और हड़बड़ाहट में इक्का-दुक्का किसानों को प्रमाण पत्र देकर वहां से खिसक गए। ताकि विरोध से बच सके। 

विधायक पर नाराज ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि किसानों की सरकार में अच्छी तरह से पैरवी नहीं करने एवं अधिकारी-कार्मिको में पकड़ नहीं होने के कारण किसानों को आए दिन सरकारी कार्मिकों द्वारा परेशान किया जा रहा है, लेकिन विधायक को बार-बार बताने के बावजूद समस्या का हल नहींं हो पा रहा है।


विरोध से बचने के लिए नही पहुंची विधायक, ग्रामीणों में आक्रोश कायम

विधायक द्वारा जनता को किए वादे एवं कार्य पूरा नहींं होने के कारण चुनाव नजदीक आते ही विधायक के खिलाफ विरोध भी मुखर होने लगा है। भले ही कई जगहों पर विरोध से बचने के लिए विधायक जनता के बीच मे जाने से बचती रहती है, लेकिन इलाके के कई ग्रामीण क्षेत्र की जनता में विधायक के रवैये के प्रति गुस्सा भरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार विधायक अगर सांगाणा पहुंचती तो विधायक को भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता था, लेकिन विरोध की पहले से भनक लग जाने के कारण विधायक ने कार्यक्रम से दूरियां ही बनाए रखी। आपको बता दें कि विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में हर जगह उपस्थित रहती है, लेकिन पिछले कई दिनों से देखा जा रहा है कि जहांं विधायक को विरोध की आशंका थी, वहांं विधायक ने दूरियां ही बनाए रखी। मंगलवार को यह बात फिर से साबित हो गई।

ऋण माफी में भारी हेराफेरी

सोसायटी के कार्मिकोंं ने ऋण माफी में भारी हेराफेरी की है। जो किसान लघु एवं सीमांत की श्रेणी में आते हैंं, उनके महज 4 या 5 हजार रुपए माफ किए जा रहे हैंं, जबकि 8 -10 हैक्टेयर से अधिक जमीन वाले किसान के 50 हजार रुपए माफ किए जा रहे हैंं। इसकी जांच होनी चाहिए एवं नियमानुसार कार्य होना चाहिए।

-मगाराम, किसान आलवाड़ा

महज बारह हजार माफ

में सीमांत किसान की श्रेणी में आता हूं, लेकिन मेरे महज 12000 रुपए ही माफ हुए हैंं। सहकारी समिति के कार्मिक एवं अधिकारी हेराफेरी कर रहे हैंं।

-दीपाराम, किसान, दहिवा

हेेेराफेरी की बात नहीं

हां किसानों ने थोड़ा हंगामा तो किया था, लेकिन हेराफेरी जैसी कोई बात नही है।

- केशाराम, व्यवस्थापक, सहकारी समिति सांगाणा

कार्मिक खिलाफ करवाई की जाएगी

अगर कार्मिक शिविर को पूरा होने से पहले ही वहां से निकल गए हैं तो इनके खिलाफ करवाई की जाएगी। वहींं किसानों की कोई समस्या है तो लिखित शिकायत दे सकते हैंं। अगर ऐसा हुआ है तो दोबारा शिविर करवाया जाएगा।

-ओमपाल सिंह भाटी, क्षेत्रीय निदेशक, सहकारिता विभाग, जालोर

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