जालोर पुलिस को थाने में ही चोरी का डर, जंजीरों से बांध दिया और लगा दिया ताला...

जागरूक टाइम्स 631 Jul 22, 2018

24 घण्टे संतरी तैनात, फिर भी चोरी का भय
जालोर। जालोर की कोतवाली में खुद पुलिस को ही थाने में चोरी का डर सता रहा है। जंजीरों में बंधी मोटरसाइकिलों को देखकर कोतवाली पुलिस को चोरी होने के डर की पोल खुल गई है। जालोर कोतवाली में रखी मोटरसाइकिलों को जंजीरों से बांध रखा है। जंजीरों से बांधने के बाद ताला तक लगाया गया है। ताकि चोर सेंध मारकर पार नहीं कर दें। जब इस बारे में पड़ताल की तो बात सामने आई कि ये मोटरसाइकिलें जब्त की गईहै, जो कि पुलिस की कस्टडी में है।
गौरतलब हैकि जालोर कोतवाली थाना शहरी स्कूल के पास था। वहां पर मोटरसाइकिलें खुली ही पड़ी रहती थी, लेकिन नए भवन में सिफ्ट होने के साथ ही पुलिस को थाने में पड़ी मोटरसाइकिलों के ही चोरी होने का भय सताने लग गया। इसी भय के चलते इन मोटरसाइकिलों को जंजीरों से बांध कर ताला लगा दिया गया। हालांकि ऐसा करने के लिए किसने आदेश दिया और कब हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं दे रहा है, लेकिन नए परिसर में स्थानांतरित होते ही पुलिस को थाने में ही मोटरसाइकिल चोरी होने का भय सताने लग गया है।
संतरी की ड्यूटी तो कोतवाल को काहे का डर
पुलिस थाने में सुरक्षा की दृष्टि से २४ घण्टे संतरी तैनात रहता है। अल सुबह से लगातार देर रात तक अलग-अलग सिफ्ट में सुरक्षाकर्मीतैनात रहते हैं। ऐसे में मोटरसाइकिलों को जंजीरों से बांधना और फिर ताला लगाना चौकाता है। हालांकि सुरक्षा रखना वाजिब है, लेकिन ताला लगाकर विशेष सुरक्षा करना चोरी का भय भी जाहिर करता है।
मोटरसाइकिलों के पहियों को जंजीरों से बांधा
थाने में रखी मोटरसाइकिलों को एक के बाद जंजीरों से बांधा गया है। मोटरसाइकिलों के पहियों में जंजीर बांधकर ताला लगाया है। ताकि कोई मोटरसाइकिल को लेकर नहीं जा सके। वहीं सभी मोटरसाइकिलों को साथ में बांधा गया है और ताला लगाया गया।

इनका कहना है
कोतवाली में जंजीरों से बंधी मोटरसाइकिलों के बारे में जानकारी नहीं है। शहर की भीतरी चौकी में तो संतरी नहीं है, लेकिन कोतवाली में तो संतरी है। मैं देखूंगा, फिर ही कोई बात कह सकता 
- माणकराम, थानाधिकारी, जालोर कोतवाली

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