तय हो दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य:- सांसद देवजी पटेल

जागरूक टाइम्स 64 Jul 11, 2019

जालोर-सिरोही सांसद देवजी पटेल ने 17वीं लोकसभा में प्रषनकाल के दौरान गुरुवार को दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का मुद्दा उठाया। सांसद देवजी पटेल ने मत्स्यपालन पषुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डाॅ संजीव कुमार बालियान से लिखित प्रष्न करते हुए कहा कि क्या सहकारिताएं बाजार में 50-55 रुपयें प्रति लीटर पर दुग्ध का विक्रय करती है जबकि वे राजस्थान महाराष्ट्र और बिहार जो बाजार और डेयरी क्षेत्र में महत्वपुर्ण योगदान देते है सहित देष में किसानों और पषुपालको से मात्र 25-30 रुपये प्रति लिटर की दर से दुग्ध खरीदती है यदि हाॅ तो उक्त के मद्देनजर सरकार द्वारा बनाई जा रही कार्ययोजना का ब्यौरा क्या है, क्या डेयरी कृष इस व्यवसाय को धीरे धीरे छोड़ रहे है क्योकि गायो भैसो की प्रतिदिन खुराक लागत बहुत अधिक है और उन्हें दुग्ध और दुग्ध उत्पादों हेतु लाभकारी मूल्य सुनिष्चित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने का विचार है और यदि हाॅ तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है ।

सांसद देवजी पटेल के लिखित प्रष्न का उत्तर देते हुए राज्य मंत्री डाॅ संजीव कुमार बालियान ने कहा कि दुध का मुल्य दूध में वसा और एसएनएफ की मात्रा के आधार पर अदा किया जाता है सहकारी दूध संघ उपभेक्ताओं को पूर्ण क्रीम युक्त दूध (6 प्रतिषत वसा और 9 प्रतिषत सोलिड नाॅट फैट) 48 से 56 रुपये तक प्रति लीटर की दर से विक्रय करता हैै और प्रति लीटर दूध (6 प्रतिषत वसा और 9 प्रतिषत सोलिड नाॅट फैट) के लिए किसानों को 29 रुपये से 39 रुपये तक की अदायगी करता है। अधिकांष डेयरी सहकारिताएं अपने मूल उत्पादकों को उपभेक्ता रुपये का अधिकतम भाग (लगभग 60-80 प्रतिषत) अदा करती हैं। जोकि विष्व में सबसे अधिक है इसके अलावा सदस्यकिसानों को वार्षिक बोनस और विभिनन आदान सेवाए कृत्रिम गर्भधान (एआई) रियायती दर पर गोपषु आहार आदि भी प्राप्त होती है तथा सहकारिताओं द्वारा पूरे वर्ष बाजार पहुॅच भी प्रदान की जाती है।

डाॅ संजीव कुमार बालियान ने बताया कि डेयरी सहकारिताओं के किसान सदस्य जो वर्ष 2015-16 में 15.84 लाख थें वर्ष 2017-18 में बढकर 16.57 लाख हो गए है देष में दुध उत्पादन जो वर्ष 2015-16 में 155.49 मिलियन टन था वर्ष 2017-18 में बढकर 176.34 मिलियन टन हो गया है राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2018 के अनुसार दुध समूह का मुल्य जो वर्ष 2015-16 में 560777 करोड़ रुपयें था वर्ष 2016-17 में बढकर 614387 करोड़ रुपयें हो गया है।



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