नर्मदा के पानी को लेकर गुजरात सरकार के अधिकारियो के साथ हुई बैठक

जागरूक टाइम्स 178 Nov 30, 2019

सांचौर : गुजरात सरकार की ओर से राज्य के हिस्से का पूरा नहीं देने के मुददे को लेकर गुजरात सरकार के नर्मदा अधिकारियो के साथ राज्य के नर्मदा अधिकारियो की बैठक राजस्थान- गुजरात बोर्डर रिड़का हैड पर आयेजित हुई। जिसमें सांचौर नर्मदा मुख्य अभियन्ता गिरीश लोढा के नेतृत्व में अधिकारियो ने अपना पक्ष रखा। इस दौरान नर्मदा नहर परियोजना के अ चीफ अभियन्ता गिरीश लोढा ने बताया कि राजस्थान को १७ सौ क्यूसैक पानी की तुरन्त आवश्यकता है। किन्तु गुजरात सरकार की ओर से महज १४ सौ क्यूसैक पानी ही मिल रहा है। उन्होने बताया कि गुजरात सरकार को उक्त मुददे को लेकर कई पत्र व्यवहार के माध्यम से अवगत भी करवा दिया गया है। किन्तु पूर्ण मात्रा में पानी नहीं मिल पाने से किसानो को रबी की सीजन में समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में राज्य के हिस्से का पानी तुरन्त देने की मांग रखी। इस दौरान नर्मदा नहर परियोजना मुख्य अभियन्ता पाटीण एमडी पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार की ओर से राज्य के हिस्से के पानी को लेकर उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन भी हुआ है। वहीं उक्त मुददे को लेकर जल्द ही बैठक आयोजित कर दो- तीन दिनो में राजस्थान के हिस्से का पानी छोड़ दिया जायेगा। जिसके पश्चात नर्मदा विभाग के अधिकारी उक्त मुददे को लेकर चर्चा के लिये थराद में आयोजित होने वाले दोनो राज्य के अधिकारियो के की बैठक में भाग लेने के लिये रवाना हो गये।

यह है मामला - नर्मदा नहर परियोजना सांचौर में रबी की सीजन को लेकर ७४ सौ क्यूसैक की डिमांड विभाग द्वारा की गई है। वहीं गुजरात सरकार की ओर से फिल्हाल १४ सौ क्यूसैक पानी ही ंदिया जा रहा है। ऐसे में किसानो को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। जिससे किसानो में गहरा रोष है। जिसको लेकर विभाग को टैल तक पानी पहुंचाने के लिये नहर पर लगाये जाने वाले अवैध पाईपो को काटने का अभियान भी चलाया जाना पड़ रहा है। जिसको लेकर किसानो में रोष है। वहीं दुसरी ओर उक्त मुददे को लेकर टैल के किसानो द्वारा निरन्तर अन्तराल से नर्मदा मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। अब गुजरात सरकार द्वारा १७ सौ क्यूसैक पानी मिलने की स्थिति में रबी की सीजन में बुवाई के लिये तैयार किये गये खेतो में ही पानी पहुच पायेगा, ऐसी स्थिति में नर्मदा विभाग के लिये गुजरात सरकार द्वारा हिस्से का पूरा पानी नहीं देने से गले की फांस बनी हुई है।

इनका कहना है -
गुजरात सरकार के अधिकारियो से राज्य के हिस्से का पानी लेने की मांग को लेकर रिड़का हैड पर बैठक आयोजित हुई थी। जिसमें १७ सौ क्यूसैक पानी की मांग की गई है। जिसको तुरन्त छोडऩे की मांग की गई है। जिसको लेकर गुजरात सरकार के अधिकारिये द्वारा आगामी दो तीन दिनो मे राज्य के हिस्से का पानी छोडऩे की सहमति दी है। जिसको लेकर थराद में भी बैठक का अलग से आयोजन भी किया गया है। जिसमें भी पानी को लेकर अपना पक्ष रखा जायेगा।
गिरीश लोढा, नर्मदा मुख्य अभियन्ता ।

गुजरात सरकार द्वारा राजस्थान के हिस्से के पानी को लेकर रिड़का हैड पर बैठक में चर्चा की गई है। जिसमें रबी की सीजन को लेकर पर्याप्त छोडऩे को लेकर अन्तिम रूप दिया गया है। जिसमें तीन सौ क्यूसैक पानी छोड़ दिया गया है, जो आगामी तीन दिनो पानी छोड़ दिया जायेगा।
एमडी पटेल, नर्मदा मुख्य अभियन्ता पाटण ।

पानी छोडऩे की मांग को लेकर वन मंत्री भी धरने में होगें शामिल
नर्मदा मुख्यालय पर १ दिसम्बर को आयोजित होने वाले धरने में वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई भी शामिल होगें । चितलवाना कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हिन्दूसिंह चौहान ने बताया कि राज्य के हिस्से का पानी गुजरात सरकार द्वारा नहीं देने के विरोध में गुजरात सराकर के विरोध में आयोजित धरने मे वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई भी किसानो के साथ धरने में शामिल होगें । उन्होने बताया कि राज्य को रबी की सीजन को लेकर महज १४ सौ क्यूसैक पानी ही मिल रहा है, जिसकी वजह से किसान रबी की सीजन में सिंचाई नहीं कर पा रहे है। जिसको लेकर शुक्रवार को पूर्व प्रधान डॉ. शमशेर अली के नेतृत्व में उपखड अधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी दिया गया।



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