मुलाकात : वार्षिक बोनस एवं ऊंटनी दुग्ध प्रोसेसिंग युनिट खोलने पर की चर्चा

जागरूक टाइम्स 409 Aug 7, 2020

रानीवाड़ा। जालोर सिरोही सांसद देवजी पटेल ने बनास डेयरी के चेयरमेन शंकरभाई चौधरी से मुलाकात कर क्षेत्र के पशुपालकों की समस्या समाधान के संबंध में सार्थक चर्चा की। सांसद पटेल ने बताया कि हमारे देश में पशुपालन व्यवसाय की बहुत बड़ी हिस्सेदारी है, क्षेत्र के स्थानीय लोग खेती के साथ-साथ पशुपालन का कार्य भी करते हैं एवं पशुओं से प्राप्त दुग्ध बनास डेयरी के अधिकृत केन्द्रों पर देते हैं। जिसका डेयरी द्वारा पशुपालकों को दुग्ध मूल्य के साथ-साथ प्रोत्साहन स्वरूप वार्षिक बोनस दिया जाता हैं, लेकिन संसदीय क्षेत्र में पिछले समय से पशुपालकों को वार्षिक बोनस नही दिया गया हैं। सांसद ने पशुपालकों को प्रति वर्ष नियमित बोनस देने की बात कही। सांसद पटेल ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान मरू प्रदेश में स्थानीय लोगों द्वारा ऊंट पालन का कार्य भी किया जाता हैं।

ऊंट पालन व्यवसाय भी पशुपालन व्यवसाय का एक अहम भाग है, ऊंट को रेगिस्तान का जहाज भी कहा जाता है। इसकी सवारी राजस्थान में काफी लोकप्रिय है। इसे राजस्थान का राज्य पशु भी कहा जाता है, लोग दूर-दूर से इसकी सवारी करने आते है, जिस तरह से अन्य राज्यों में लोग भैंसों और गायों को पालते है, उसी तरह से ही पश्चिमी राजस्थान में भी ऊंट को पाला जाता है। जिस तरह से गाय, भैंसों और बकरी से दूध का उत्पादन किया जाता है, ठीक उसी तरह से ऊंटनी से भी दूध उत्पादन काफी मात्रा में किया जाता है। गौरतलब है कि इसका दूध सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। राजस्थान में मुख्य रूप से बीकानेरी, मारवाड़ी, जैसलमेरी, मेवाड़ी, जालोरी ऊंट की प्रजातियां मौजूद है। सांसद पटेल ने बनास डेयरी के चेयरमेन शंकरभाई चौधरी से संसदीय क्षेत्र में ऊंटनी दुग्ध प्रोसेसिंग युनिट या केमल मिल्क सेंटर खोलने का आग्रह किया, जिससे मारवाड़ के ऊंट पालकों को फायदा होगा।


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