मुंबई में लॉकडाउन तो प्रवासी व्यवसायी ने हाड़ेतर में बना दिया हाईटेक बिजनेस केंद्र

जागरूक टाइम्स 826 Aug 7, 2020

सांचौर। कोरोना को लेकर जहां मुंबई सहित सम्पूर्ण महाराष्ट्र भंयकर चपेट में आने से भारत की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई में प्रवासीयों की हालत पतली हो रही है, वहीं वर्षो से मुंबई जैसे शहरो में व्यापार करने वाले प्रवासी बंधु अब मारवाड़ का रूख कर रहे है। ऐसे में पिछले चार माह से लॉकडाऊन के चलते मुंबई के व्यापारिक काम- काम पूर्ण रूप से ठप्प है। वहीं दूसरी ओर सांचौर क्षेत्र के हाड़ेतर निवासी प्रवासी व मुबई में लंबे समय से व्यवसाय से जुड़े कूंपसिंह सोलंकी ने अपने खेत में ही मुंबई की तर्ज पर ऑफिस बनाकर अपना काम काज शुरू कर दिया है। जिसमें वे 56 देशो में व्यापार रहे है।कहने को तो आसान लगने वाले इस कार्य को करने को लेकर वे पूर्ण प्रबंधन के आधार पर अपने व्यापार को अंजाम दे रहे है।

प्रवासी व्यवसाई कूपसिंह द्वारा अपने खेत में बनाया गया बिजनेश पॉईंट लोगो का आकर्षित कर रहा है। जिसमें अत्याधुनिक सुविधाओ से सुसज्जित होने के साथ इंटरनेट, डिजिटल सुविधाओं से भी ओत-प्रोत है। वहीं मुंबई सहित अन्य हिस्सों में व्यापार को लेकर अपना संपूर्ण नेटवर्क अपने खेत में ही बैठक संचालित किया जा रहा है। मुंबई में जहां एक ओर फिल्हाल लॉकडाउन के चलते संम्पूर्ण व्यवसायिक गतिविधियां बंद है, ऐसे में संक्रमण काल में वहां बैठकर किसी भी कार्य को किया जाना आसान नहीं है। जिसकी वजह से उन्होंने मुंबई की बजाय बिजनेश पॉईंट हाड़ेतर को बना लिया है। जिसको लेकर सांचौर क्षेत्र के प्रवासी बंधु आकर्षित हो रहे है।

इन देशों में होता है मारवाड़ से व्यापार- वर्क एट हॉम से प्रेरणा से लेकर यूरोपीय कन्ट्रीज के 58 देशों में जिसमें प्रमुख रूप से कतर, दुबई, सिंगापुर, वियतनाम, रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, अफ्रीका, फ्रांस सहित करीब 56 देशो में इस्पात उत्पाद का व्यापार किया जा रहा है। वहीं प्रतिदिन 24 घंटे वर्क एट हॉम के तहत व्यापार किया जा रहा है। ऑनलाईन प्रकिया के तहत होता है वाणिज्यक कारोबार - क्षेत्र के हाड़ेतर गांव मे बनाये गये व्यापारिक केंद्र से हॉम एट वर्क के तहत कार्य को ऑनलाईन सुविधा के तहत कार्य को किया जाता है। इस दौरान विदेशो में बैठे व्यापारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के अलग- अलग एप के द्वारा वार्तालाप कर इस कर्य को अंजाम दिया जा रहा है। ताकि कोरोना संक्रमण काल के दौरान सुरक्षित रहकर कार्य किया जा सके।

इनका कहना है...
कोरोना संक्रमण काल के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गाईडलाईन का पालन करते हुए अब हॉम एट वर्क के तहत गांव में ही बैठकर व्यापार किया जा रहा है। जिसके तहत इस्पात उत्पाद का व्यापार जो हमारे द्वारा 56 देशों में अलग- अलग किया जा रहा है, जिसको मैंने गांव में ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त ऑफिस बनाकर यहीं से कार्य किया जा रहा है, ताकि कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी देश की आर्थिक स्थिति में योगदान दिया जा सके।


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