जीवाणा : इस बार भी सरकारी भवनों में बदहाल रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम

जागरूक टाइम्स 134 Jul 10, 2020

सायला उपखण्ड के कई चारे सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल।

जीवाणा। सरकार की ओर से बरसाती पानी के संग्रहण को लेकर कस्बे सायला क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों समेत अन्य सरकारी भवनों में लाखों की लागत से वाटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम तो निर्मित कर दिया गया लेकिन वर्तमान में कई विद्यालयों एवं सरकारी भवनों में उचित देखरेख व रखरखाव के अभाव में बहुपयोगी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल स्थिति में है। इससे बारिश में इनका उपयोग नहीं हो पाएगा।
बारिश के मौसम में हजारों लीटर व्यर्थ बह जाने वाले अनमोल पानी के संग्रहण को लेकर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की उपयोगिता को देखते हुए सरकार की ओर से कुछ साल पूर्व कस्बे समेत क्षेत्र के विभिन्न राजकीय विद्यालयों, अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों सहित अन्य सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का लाखों की लागत से इसका निर्माण करवाया गया था। लेकिन वर्तमान में उचित देखरेख व रखरखाव के अभाव में कई विद्यालयों समेत सरकारी भवनों में स्थापित वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल स्थिति में है। कहीं पाइप टूटे है, तो कहीं छतों की सफाई नही हो सकी है। ऐसे में आगामी बारिश के मौसम में पानी का संग्रहण होना संभव नहीं है। कई विद्यालयों व सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के तहत निर्मित पानी के टांकें एवं पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हालत में है। जिन्हे मरम्मत कर दुरुस्त करने को लेकर विद्यालय प्रशासन एवं संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहा।

क्षेत्र के विभिन्न गांवो में सरकारी भवनों में बरसाती पानी के संग्रहन को लेकर लाखों की लागत से तयार किए गए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वर्तमान में बदहाल स्थिति में है। यहां तक कि जीवाणा उपतहसील पर भी ऐसे ही हालात बने हुए है। उपतहसील कार्यालय में बदहाल स्थिति में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के तहत लगे पाइप निर्मित पानी के टांकें एंव पाइप लाइन ,क्षतिग्रस्त हालत में है। छत की अभी तक साफ सफाई भी नही हुई है। नंबर दो पीएचसी सिराणा में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दुर्दशा के चलते नकारा है। क्षेत्र के कई सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के तहत टांकें नही बने हुए है। कई टांके तो बने है। लेकिन पाइप लाइन नही जुड़ी हुई है। कई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हालात में है। समेत कई सरकारी भवनों स्कूलों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दुर्दशा का शिकार बने हुए है। यहाँ बरसाती पानी के संग्रहण को लेकर लगाए गए पाइप क्षतिग्रस्त हालत में है।

टांकों में नही होता है, बरसाती पानी संग्रहण
उपखंड क्षेत्र के गांवो में कई राजकीय विद्यालयों एवं सरकारी भवनों में बरसाती पानी संग्रहण को लेकर लाखों की लागत से निर्मित वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के तहत टांके तो बने है, लेकिन पाइप लाइन जुड़ी नही होने तथा क्षतिग्रस्त हालत में होने के कारण बारिश के दिनों में इन टांकों में पानी का संग्रहण नही होता है।

सिर पर है बारिश का मौसम
जहां उपखण्ड क्षेत्र में विभिन्न सरकारी भवनों पर बरसाती पानी संग्रहण को लेकर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बदहाल है। वही दूसरी ओर बारिश का मौसम सिर पर है। ऐसे में बदहाल वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से बरसाती पानी का संग्रहण होना मुमकिन नही है। लेकिन इसे संबाधित विभाग द्वारा गंभीरता से नही लिया जा रहा है।

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