इस साल शुरू हो जायेगी जसवन्तपुरा आईटीआई - देवल

जागरूक टाइम्स 488 Feb 27, 2020

इलेक्ट्रीशियन टे्रड का मिलेगा प्रशिक्षण

रानीवाड़ा। रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल ने जसवन्तपुरा आईटीआई के नवनिर्मित भवन में प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए पूछे गये सवाल के जवाब में तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र रानीवाड़ा के उपखण्ड जसवन्तपुरा मुख्यालय पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) जसवन्तपुरा का भवन बनकर तैयार है एवं राज्य में समस्त संचालित एककों में अनुदेशकों के रिक्त पद का कार्य गेस्ट फेकल्टी के माध्यम से किये जाने की अनुमति जारी की जा चुकी है।

नियमित भर्ती के संदर्भ में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर के संदर्भ में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर के माध्यम से कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। चयनित अभ्यर्थी प्राप्त होने पर नियमित कार्मिकों के पदस्थापन की कार्यवाही की जायेगी। वर्तमान में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जसवंतपुरा का संचालन राजकीय आईटीआई जालोर में वर्ष 2018 से किया जा रहा है, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जसवंतपुरा के भवन हैण्डओवर की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। आगामी प्रशिक्षण सत्र 2020-21 में संस्थान स्वयं के भवन में संचालित किया जायेगा।

एसटी को भी मिले कृषि विद्युत कनेक्शनों में प्राथमिकता - रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल ने राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन संबंधी नियम 1986 के नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख प्रस्ताव के माध्यम से कृषि कनेक्शनों में अनुसूचित जाति की तर्ज पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को भी प्राथमिकता दिये जाने की मांग की। विधायक देवल ने कहा कि जालोर जिले सहित प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (भील, गरासिया, सहरिया आदि) वर्ग निवास करता है, जो कृषि पर ही निर्भर ही है, इस वर्ग की आर्थिक स्थिति अत्यन्त ही खराब है। कृषि के लिये भूमि तो हे, मगर कृषि कनेक्शन नही, जिसका कारण है कि उनको कृषि कनेक्शन में आरक्षित वर्ग में नही रखा जाकर सामान्य वर्ग में रखा गया है।

अनुसूचित जनजाति की राजस्थान में 2011 की जनसंख्या 92 लाख 38 हजार 534 है, जिसमें जालोर जिला जो कि पिछड़ा जिला है जिसमें अनुसूचित जनजाति की आबादी एक लाख 78 हजार है, जिसमें वर्ष 2001 की तुलना में 30 प्रतिशत वृ़ि़द्ध हुई है। अनुसूचित जनजाति वर्ग को कृषि कनेक्शन की आवश्यकता होने पर उसके आवेदन पत्र को सामान्य श्रेणी के उपभोक्ता के रूप में आवेदन पत्र जमा किया जाता है और वह अपनी पत्रावली के नम्बर आने का इन्तजार करता है। रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग की वर्तमान में करीब 350 से अधिक पत्रावलियॉ कृषि कनेक्शन के पेण्डिग पड़ी है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के द्वारा प्रतिवर्ष करीब 100 पत्रावली प्रत्येक जिले में कृषि कनेक्शन के लिये जमा होती है, इसलिए मेरी सरकार से मांग है कि जालोर जिले सहित प्रदेश के कृषि कनेक्शन के लिये अनुसूचित जनजाति वर्ग की जमा कृषि कनेक्शन की पत्रावलियो की सूची विधानसभा क्षेत्रवार मंगवाई जाकर उस अनुसार आरक्षण श्रेणी से कृषि कनेक्शन दिये जाये।



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