जगसीराम को मिली नई जिन्दगी, मानव सेवा समिति ने उमीदो को लगाये पंख

जागरूक टाइम्स 113 Jun 13, 2018

सांचौर : करीब छह माह से ज्यादा वक्त से बेसहारा नारकीय जिन्दगी जी रहे जगसीराम कोली के मानव सेवा समिति के सहारा बनने से उसे नई जिन्दगी मिल गई। क्षेत्र के कीलवा गांव में रहने वाले गरीब के मुखिया जगसीराम के करीब छह माह पूर्व बाईक से गिरने के दौरान पैर में आई चोट उसकी जिन्दगी के साथ- साथ परिवार के लिये आफत बन गई है। ईलाज के अभाव में जगसीराम का पैर सडऩे लगा। जिसमें कीड़े पड़ गये।

जिसकी जानकारी मिलने पर मानव सेवा समिति ने मौका स्थल पर पहुंच जगसीराम को शहर के सरस्वती अस्पातल में भर्ती करवाया गया। जहां मरिज की स्थिति को देखते हुए अस्पताल द्वारा उसका नि:शुल्क ईलाज करने की घोषणा की, वहीं अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डॉ. ब्रहमोस संघवी ने भी अपनी शुल्क नहीं लेने की घोषणा की। हालांकि जगसीराम के पैर में ज्यादा ईफे1शन होने से उसके पैर को नहीं बचा सके किन्तु उसकी जिन्दगी को बचा लिया गया। जगसीराम का बांये पैर को घुटने के नीचे काटना पड़ा । इस दौरान मरिज के लिये अस्पताल प्रशासन द्वारा भी पूर्ण नि:शुल्क ईलाज की घोषणा की।

६ दिनो से भर्ती जगसीराम के चेहरे पर लौटी रौनक - किलवा निवासी जगसीराम कोली पिछले छह महिनो से शहर के सरस्वती अस्ताल में भर्ती था। इस दौरान मानव सेवा समिति व अस्पताल के संयुक्त प्रयास से छह पांच बोटल रक्त चढाया गया। वहीं पैर में चोट लग जाने से चलना - फिरना दुभर हो गया था, वहीं चोट की वजह से पैर में संडाध फैल गई थी, जिससे कैंसर की स्थिति पैदा हो गई थी। चोट के घाव में कीड़े पडऩे से जीवन नारकीय हो गया था। परिवार में आमदनी का कोई जरिया नहीं था। इस दौरान मानव सेवा समिति वाटसअप ग्रुप के सदस्यो ने ८ जून को कीलवा पहुंचकर पीडि़त परिवार की सुध ली।

वहीं मौका स्थल पर ही जगसीराम का पटटी बांधकर प्राथमिक उपचार करवाया गया। इस दौरान जगसीराम की हालत नाजुक होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
मानव सेवा समिति आई आगे, करवायेगी ईलाज - मानव सेवा समिति के प्रकाश छाजेड़ शुक्रवार को जिन्दगी और मौत के बीच जुझ रहे जगसीराम के घर पर पहुंच कर जानकारी ली। इस दौरान पीडि़त के पैर की स्थिति के साथ- साथ उसका जीना भी दुभर था। ऐसे में मानव सेवा समिति ने उक्त व्यक्ति का ईलाज का पूर्ण खर्च उठाने का बीड़ा उठाया। जिस पर उसे शहर के नीजि अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर उसका ईलाज किया जा रहा है।

इनका कहना है -

मरिज के पैर में संड़ाध व हडडी गलने से इंफैं1शन ज्यादा था। जिससे पैर को बचाना संभव नहीं था। ऐसे में मरिज पूर्ण रूप से ईलाज कर दिया गया है। अब वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है। मैनें मरिज की स्थिति आर्थिक स्थिति को देखते हुए मेरी फीस भी नहीं ली है। नि:शुल्क ईलाज किया है। मरिज चाहे तो घर जा सकता है। ब्रहमोस संघवी, हडडी रोग रोग विशेषज्ञ, सरस्वती अस्पताल सांचौर ।


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