गौमाता हमारी संस्कृति की धरोहर - संत कृपाराम

जागरूक टाइम्स 93 Oct 10, 2019

महाराज ने किया माहेश्वरी का आध्यात्मिक अभिनन्दन

रानीवाड़ा। बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना में आलम गौशाला संस्थान के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय गौ सेवार्थ श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव में गौमाता की महत्ता बताते हुए अन्तर्राष्ट्रीय संत श्री कृपारामजी महाराज ने कहा कि गायों की पूजा होनी चाहिएँ गायों की पूजा का मतलब तिलक, आरती, माला पहनाने से नहीं है, क्योंकि आपके घर के द्वार पर गाय खड़ी हो और वह भूखी हो तो आप कितने ही तिलक लगाओ कोई मतलब नहीं है। यदि आप उसे घास खिलाकर उसकी भूख मिटा देते है तो वह उसकी सच्ची पूजा मानी जायेगी। गौमाता हमारी संस्कृति की धरोहर है और उसका संरक्षण और संवर्धन होना आवश्यक है।

संत के गुरू राजाराम महाराज की कथावाचन से पूर्व दी जाने वाली भजन की प्रस्तुति व संत के मुखारविंद से प्रवचन सुनकर श्रद्धालु आत्मविभोर हो रहे है। इस दौरान संत कृपारामजी महाराज ने मीडीया से निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए रानीवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार मदन माहेश्वरी का धर्मसभा में आध्यात्मिक अभिनन्दन करते हुए उन्हें गौमाता की तस्वीर उपहार स्वरूप भेंट की। साथ ही रानीवाड़ा से संत के प्रवचन सुनने पहुंचे चमनाराम देवासी, महेन्द्र देवासी, लक्ष्मण राणा, अमृत पुरोहित एवं चतराराम का भी महाराज ने धर्मसभा में आध्यात्मिक उपहार देकर अभिनन्दन किया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।



Leave a comment