पूर्व विधायक चौधरी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

जागरूक टाइम्स 655 Nov 29, 2019

रानीवाड़ा। रानीवाड़ा में कांग्रेस से चार बार विधायक रहे किसान केसरी रतनाराम चौधरी का गुरूवार दोपहर को निधन हो गया, जिससे पूरे रानीवाड़ा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। करीबन 90 वर्षीय चौधरी पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। चौधरी के निधन का समाचार सुनते ही उनके आवास पर आसपास के गांवों के ग्रामीणों, गणमान्य लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों को सांत्वना दी। वे रानीवाड़ा के अनुभवी नेताओं में से एक थे, वे शहीद धर्माराम के पुत्र थे एवं सन 1959 में पहली बार सरपंच चुने गए। वहीं चौधरी कांग्रेस पार्टी से चार बार 1977, 1980, 1990, 1998 में विधायक रहे।

चौधरी रानीवाड़ा की राजनीति के पुरोधा थे तथा विधानसभा में किसानों एवं गरीबों की बातों को पूरजोर रखते थे। उनके निधन के साथ ही रानीवाड़ा में राजनीति का एक युग समाप्त हो गया। चौधरी ने मोहनलाल सुखाडिय़ा, जगन्नाथ पहाडिय़ा, शिवचरण माथुर, हरीदेव जोशी, अशोक गहलोत के साथ राजनीति का सफर तय किया एवं आमजन की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी। वहीं एक साल पहले चौधरी के पुत्र वगताराम एवं भतीज अखाराम की सड़क दुर्घटना में मौत होने के बाद से वो काफी सदमें में थे। सभी राजनीतिक दलों, समाजसेवी संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। चौधरी का अन्तिम संस्कार गुरूवार शाम को गांग में हुआ, जहां बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थित दर्ज की।
28 आरएनवी 01 रानीवाड़ा। पूर्व विधायक रतनाराम चौधरी।

जिले में अतिरिक्त जवाहर नवोदय विद्यालय खोला जायें - पटेल
रानीवाड़ा। जालोर-सिरोही लोकसभा सांसद देवजी पटेल ने गुरूवार को 17 वीं लोकसभा के द्वितीय सत्र के दौरान नियम 377 के तहत संसदीय क्षेत्र के जिला जालोर में अतिरिक्त जवाहर नवोदय विद्यालय खोलने की मांग रखी। सांसद देवजी पटेल ने बताया कि जालोर जिला साक्षरता एवं शिक्षा के क्षेत्र में पिछडा हुआ हैं तथा जिले की साक्षरता दर 2011 की जनगणना के अनुसार 55.58 प्रतिशत हैं जिससे पुरूषो एवं महिलाओ की साक्षरता दर क्रमष: 71.83 तथा 38.73 है। राजस्थान में यह जिला सबसे कम साक्षरता वाला जिला हैं तथा साक्षरता में लैंगिक अंतर भी सबसे अधिक हैं। पंचायतीराज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इसे पिछड़े जिले के रूप में चिन्हित किया गया है तथा यह जिला बीआरजीएफ योजना में चिन्हित है। यहां अनुसूचित जाति कुल जनसंख्या का 18.6 प्रतिशत तथा अजजा 9 प्रतिशत हैं। जिले का भूगौलिक विस्तार बहुत बड़ा है, जो धनुषाकार में है वर्तमान जवाहर नवोदय विद्यालय जसवंतपुरा जो जिला मुख्यालय से 112 किमी दूरी पर है। वर्ष 1987 में स्थापना के बाद नि:शुल्क एवं गुणवतापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवा रहा हैं एवं एक और अतिरिक्त जवाहर नवोदय विद्यालय जिला मुख्यालय के समीप में स्वीकृत किये जाने की आवश्यकता हैं ताकि और अधिक संख्या में बच्चो को गुणवता पूर्ण शिक्षा दी जा सके। यह नया विद्यालय जालोर, सायला, आहोर एवं भीनमाल पंचायत समिति क्षेत्र के छात्रो के प्रवेश के लिए तथा वर्तमान में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय जसंवतपुरा रानीवाडा, सांचौर एवं चितलवाना पंचायत समिति के छात्रो के प्रवेश के लिए होगा। यहॉ के छात्रो की समस्या को देखते हुए तथा विशेष परिस्थतियों को मध्यनजर रखते हुए जिला मुख्याल्य के समीप में एक और अतिरिक्त जवाहर नवोदय विद्यालय खोला जायें।


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