पिता करते हैं सब्जी मार्केट में नौकरी, बेटी ने सीए इंटरमीडिएड में हासिल की देश में सातवीं रैंक

जागरूक टाइम्स 921 Aug 1, 2018

महेंद्र प्रजापत @ जागरूक टाइम्स

जसवंतपुरा. कस्बे के मूल निवासी एवं वर्तमान में अहमदाबाद में प्रवासरत थानाराम प्रजापत की बेटी दिव्या कुमारी ने इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट्स ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित सीए इंटरमीडिएड परीक्षा में देश में सातवीं रैंक हासिल की है। दिव्या की इस सफलता से हर कोई प्रेरित है, वजह है दिव्या के पिता अहमदाबाद के राजनगर सब्जी मार्केट में सामान्य नौकरी करते हैं। इधर, दिव्या की इस सफलता से इस परिजनों के साथ ही क्षेत्र के प्रजापति समाज में भी खुशी की लहर है।



दरअसल, आईसीएआई की ओर से पुराने और नए कोर्स के परीक्षा परिणाम घोषित किए है। हालांकि पुराने कोर्स में 946 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। जिसमें दिव्या ने राष्ट्रीय स्तर पर सातवीं रैंक हासिल की है। दिव्या के अलावा ऑल इंडिया टॉप में अहमदाबाद चैप्टर के 17 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। जसवंतपुरा कस्बे की मूल निवासी थानाराम प्रजापति वर्तमान में अहमदाबाद में प्रवासरत है। उन्हें अपनी बेटी की इस सफलता पर खुशी से फूला नहीं समा रहे हैं। वहीं दिव्या ने प्रजापत समाज को भी गौरान्वित किया है।


यह है परिवार की स्थिति

दिव्या के पिता थानाराम राजनगर सब्जी मार्केट में एक सामान्य नौकरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करने के साथ ही अपनी लाडली का सपना साकार करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। उनके परिवार में तीन पुत्रियों में सबसे छोटी दिव्या है और एक पुत्र है, जो आट्र्स ग्रेज्यूशन की पढ़ाई कर रहा है। 

चालीस की कड़ी मेहनत, लेकिन ईश्वर पर भरोसा था

पिछले 40 सालों से दिव्या के पिता सुबह जल्दी उठकर सब्जी मार्केट में पंहुचकर दिनभर कठिन मेहनत करते हैं और देर रात तक घर पहुंचते हैं। उन्हें अपनी इस अभाव भरी जिंदगी से कोई शिकायत नहीं थी। उन्हे ंभरोसा था कि ईश्वर एक दिन अपनी कृपा से उसकी जिंदगी को खुशहाल कर देगा। 

सावन के पहले सोमवार पर बरती खुशियां

अपनी बेटी की सफलता पर थानाराम काफी खुश है। बकौल थानाराम, ईश्वर ने उनकी सुपुत्री के माध्यम से जो अपार खुशियां और शोहरत दी, उसके लिए वे ईश्वर को लाखों बार शुक्रिया देंगे। श्रावण मास के पहले सोमवार ने ईश्वर ने खुशियों की वो झड़ी लगाई कि उनकी जिंदगी ही बदल गई। इसी दिन सीए इंटरमीडिएट पुराने कोर्स में उर्तीण विद्यार्थियों में इनकी पुत्री को ऑल इंडिया में सातवीं रैंक हासिल हुई। 

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समाज के बेटियों के लिए रोल मॉडल

समाज में साधरण परिवार की इस बेटी ने जो कारनामा कर दिखाया है। नि:संदेह समाज के अन्य बेटियों के लिए दिव्या रोल मॉडल बन चुकी है। दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिताजी को देते हुए जागरूक टाइम्स को बताया 'मंैने अपने पिताजी को तीन साल पहले सब्जी मार्केट में नौकरी करते देखा तब से ही मैंने ठान लिया था कि मैं अपनी पिताजी की जिंदगी बदल कर ही दम लूंगी। मैंने तैयारी में कोई कसर नहीं रखी और अब मुझे खुशी है कि मैंने जो सोचा था वो कर दिखाया।Ó थानाराम स्वयं साक्षर है, लेकिन अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा दिलाना और उसे मानसिक रूप से मजबूत बनाने तथा इस सफल कहानी के इकलौते हीरो है। 

पिता को सम्मान दिलाने की ठान रखी थी

मंैने पिताजी को नौकरी करते देख उनकी जिंदगी को बदलने और समाज में उन्हें सम्मान दिलाने की ठान रखी थी। मैंने पिताजी के दिए अवसर का फायदा उठाया और ईश्वर की कृपा से अपना सपना साकार कर पिताजी के चेहरे पर सालों बाद खुशी लौटा दी।
- दिव्या प्रजापत, निवासी जसवंतपुरा हाल अहमदाबाद

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