कर्मचारी की मनमानी अभिभावकों पर भारी, बच्चों के स्कूल दाखिले में रोड़ा

जागरूक टाइम्स 308 Jun 21, 2018
ऑनलाइन आवेदन के बावजूद समय पर नहीं बन रहे जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र

बागोड़ा @ जागरूक टाइम्स
ई-मित्रों पर विभिन्न दस्तावेजों व योजनाओं के ऑनलाइन आवेदनों को निर्धारित समय में निपटाने के लिए सरकार ने गाइडलाइन तय कर रखी है। ताकि आमजन को इससे राहत मिल सके, लेकिन धरातल पर ये दावे खोखले साबित होते नजर आते हैं। कुछ ऐसे ही हालातों से इन दिनों मूल निवास व जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले रूबरू हो रहे हैं।

आलम यह है कि ई-मित्र पर आवेदन के बाद कई दिन गुजरने के बावजूद अभिभावकों को अपने बच्चों के प्रमाण पत्र मुहैया नहीं करवाए जा रहै हैं। विभागीय बाबू की मनमानी इस कदर हावी है कि करीब चार दर्जन लोग बीते कई दिनों से प्रमाण पत्रों के लिए चक्कर लगाने को मजबूर है।
दरअसल, कस्बे के ग्राम पंचायत भवन में ई-मित्र स्वीकृत कर रखा है।

ताकी लोगों को सरकारी योजनाओं व अन्य कार्य के लिए एक जगह सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इसके लिए सरकार की ओर से विभिन्न कार्यांे के लिए आवेदन शुल्क तय है। जिसमें उनका कमीशन भी शामिल होता है। लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद तमाम कामों को लिए विभागीय कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। 

यह है मामला 
बागोड़ा ग्राम पंचायत में लगे ई-मित्र के संचालक जानूराम चौधरी ने भीनमाल विधायक पूराराम चौधरी व कलेक्टर को भेजी शिकायत में बताया कि उसके पंजीकृत ई-मित्र से करीब चार दर्जन लोगों ने अपने बच्चों के स्कूल में दाखिले के लिए मूल निवास व जाति प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन कर रखे हैं। यह ऑवेदन तहसील कार्यालय से सत्यापित होते हैं।

हालांकि इन आवेदनों को ऑनलाइन किए दस से बीस दिन हो गए, लेकिन तहसील में कार्यरत लिपिक की ओर से आवेदनों में कमियां बताकर रिबैक किया जा रहा है। ऐसे में अभिभावकों को पिछले कई दिनों से चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बच्चों के स्कूल व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले भी अटके हुए हैं।

विधायक व कलेक्टर को शिकायत
इस सम्बंध में ई-मित्र संचालक ने भीनमाल विधायक व जिला कलेक्टर को शिकायत भेजकर लिपिक की मनमानी पर अंकुश लगाने व लोगों को राहत देने की मांग की है। वहीं जूना चैनपुरा निवासी बगदाराम भील ने आरोप लगाया कि उसके पुत्र का एसटी कोटे से आबूरोड में दखिला करवाना था, लेकिन बाबू की हठधर्मिता के चलते आवेदन की आखिरी तिथि तक भी प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया है। 

दूसरा लिपिक अवकाश पर था
तहसील मे दो लिपिक कार्यरत है, लेकिन एक कई दिनों से अवकाश पर था। कार्य ज्यादा होने के बावजूद ओवरटाइम में कार्य कर रहा था। आज दोपहर तक पेंडिंग आवेदनों को पूर्ण कर प्रमाण पत्र दे दिए जाएंगे। ई-मित्र संचालक की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद है।  - भजनलाल विश्नोई, एलडीसी, तहसील कार्यालय बागोड़ा

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