डिस्कॉम में हाशिये पर 'जनजाति'

जागरूक टाइम्स 302 Jul 9, 2018

- जनजाति वर्ग के लिए नहीं है आरक्षण की व्यवस्था

- उपजाऊ भूमि व भरपूर पानी के बावजूद नहीं मिल रहा योजना का लाभ

भीनमाल @ जागरूक टाइम्स

देश के संविधान ने भले ही अनूसूचित जनजाति वर्ग को आरक्षित का दर्जा दे रखा हो, लेकिन डिस्कॉम इससे कोई इत्तेफाक नहीं रखता। जी हां, जिले में डिस्कॉम की नजर में अनुसूचित जनजाति के लोग सामान्य श्रेणी के है। जिले में अनुसूचित जाति के अलावा अन्य सभी वर्ग के लोगों को सामान्य श्रेणी में ही चिह्नित किया गया है। यहां सिर्फ अनुसूचित जाति वर्ग की पत्रावलियों का त्वरित निस्तारण होता है। जबकि जनजाति और पिछड़ेे वर्ग के लोग पत्रावली निस्तारण के लिए अर्से तक इंतजार ही करते रहते हैं। 

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी में करीब दस फीसदी लोग अनुसूचित जनजाति के है। जोधपुर विद्युुत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से जालोर जिले में विद्युत कनेक्शन देने के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के अलावा शेष सभी जाति वर्ग की पत्रावलियों को भी सामान्य वर्ग में मानकर उसी के आधार पर कनेक्शन भी स्वीकृत किए जाते हैं। जबकि अन्य सरकारी विभाग में नौकरी सहित अन्य कार्यों के लिए सामान्य के अलावा एससी, एसटी,ओबीसी व एसबीसी वर्ग बने हुए हैं। एसटी वर्ग में भील व मीणा सहित ओबीसी व एसबीसी की जातियों की पत्रावलियों को सामान्य में शामिल करने की वजह से इन वर्ग के लोगों को विद्युत कनेक्शन देरी से मिलते हैं। ऐसे में खेती की उपजाऊ भूमि व भरपूर पानी के बावजूद इन लोगों को योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता है।

जिले की आबादी 18 लाख 28 हजार 730 आबादी

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जालोर जिले की कुल आबादी 18 लाख 28 हजार 730 है। जिसमें से 3 लाख 57 हजार 196 एससी  व 1 लाख 78 हजार 719 एसटी है। इसी तरह एससी 19.53 व एसटी 9.77 प्रतिशत है।

जनसंख्या के आधार पर वर्गों का निर्धारण

डिस्कॉम नियमों के तहत जिले में एसटी की बजाय एससी की आबादी ज्यादा होने की वजह से विभाग की ओर से एससी वर्ग को प्राथमिकता देकर आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। यदि एसटी की आबादी एससी से अधिक होती तो आरक्षण का लाभ एसटी वर्ग को मिलता। वर्तमान में जालोर जिले में डिस्कॉम की ओर से सामान्य व एससी वर्ग ही बना रखे हैं। वही ,सिरोही जिले में सामान्य व एसटी वर्ग है।

सामान्य की 4 हजार 500 पत्रावलियां लंबित

जिले के भीनमाल, धुम्बडिय़ा, रामसीन व जसवंतपुरा सहायक अभियंता कार्यालय के रिकॉर्ड का अवलोकन करें तो पता चलता है कि जनवरी 2012 से जून 2018 तक सामान्य वर्ग की पत्रावलियां लंबित हैं। जिसमें एसटी,ओबीसी व एसबीसी वर्ग के लोग भी शामिल है, लेकिन एससी वर्ग की पत्रावलियों का हाथों-हाथ निस्तारण करने की वजह से एक भी पत्रावली लंबित नहीं है। 

2230 विद्युुत कनेक्शन के लिए डिमांड जारी

विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से किसानों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए प्रथम चरण के तहत मार्च 2010 से जनवरी 2011 तक लंबित 1218 पत्रावलियों के निस्तारण के लिए विभाग द्वारा डिमांड नोटिस जारी किए थे। जिसमें से 1084 किसानों द्वारा डिमांड राशि जमा करवा दी है। शेष किसानों को ग्रेस पीरियड में जमा करवाने के लिए पे्ररित किया जा रहा है। वहीं द्वितीय चरण में फरवरी 2011 से जनवरी 2012 तक 1012 किसानों को डिमांड जारी किए जा चुके हैं।

एससी वर्ग की आबादी ज्यादा

जिले में एससी की आबादी अधिक होने की वजह से डिस्कॉम की ओर से सामान्य व एससी वर्ग ही बना रखा है। इसी के तहत ही पत्रावलियां जमा होती हैं और उसी के अनुरूप इसका निस्तारण होता है।

- रमेश सेठ, अधिशासी अभियंता, डिस्कॉम-भीनमाल

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