पेट्रोल-डीजल कीमत बढ़ोतरी के विरोध में भाकपा का धरना प्रदर्शन

जागरूक टाइम्स 273 Jun 20, 2018

जालोर @ जागरूक टाइम्स

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ओर से महंगाई व पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार को कचहरी परिसर के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर के मार्फत प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
धरने को सम्बोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव ईशराराम विश्नोई ने कहा कि बढ़ती महंगाई खासकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में सत्ता में आने से पहले जनता से वादा किया था कि एक महीने में महंगाई पर रोक लगाई जाएगी, लेकिन चार साल बाद भी महंगाई पर रोक लग नहीं पाई। इसके उलट पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया। जिससे इसकी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। चार साल के शासनकाल में आम उपभोक्ता के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुएं भी गरीबों की पहुंच से बाहर हो गई है। मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में पंूजीपतियों की सहायता की गई, जबकि गरीब वर्ग, बेरोजगारों, किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों व महिलाओं की उपेक्षा की गई। कम्युनिस्ट नेता जोगाराम सुथार ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी है। किसानों के कर्ज माफ नहीं किए गए हैं। जोराराम मेघवाल ने कहा कि मोदी सरकार में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों पर झूठे मुकदमे करके जेलों में बंद करवाया गया। धरने में धीमाराम, लालाराम, रामलाल, मनाराम, जामताराम, अनाराम, वगताराम, आसूराम, जामराराम रेबारी, मूलाराम, प्रभुराम, किशनाराम, रघुनाथाराम सहित कई लोग मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, यह रखी मांगें

धरने के दौरान जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें महंगाई पर रोक लगाने, पेट्रोल-डीजल के भावों में वेट आदि टैक्सों में कमी करने व जीएसटी के दायरे में लाने, किसानों के कर्ज माफ करने, स्वामीनाथन आयोग लागू करने, कोरीडोर योजना को बंद करने, अनुसूचित जाति-जनजाति पर अन्याचारों को रोकने व उन पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की गई।

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