बागोड़ा : मोरसीम में आगोर भूमि पर अवैध कब्जा

जागरूक टाइम्स 1732 Aug 7, 2020

बागोड़ा। मोरसीम गांव में बागोड़ा सड़क मार्ग पर मेघवालों के मोहल्ले में सरकारी आगोर भूमि पर कई लोगों ने रातोंरात अवैध अतिक्रमण करने पर ग्रामीणों के हस्तक्षेप पर तहसील व पुलिस प्रशासन ने हाथोंहाथ हटवाकर अतिक्रमितों को बेदखल किया गया। उपखंड मुख्यालय से 20 किमी दूर मोरसीम गांव में मेघवालों के मोहल्ले के सामने ग्राम पंचायत की आगोर भूमि स्थित है। उक्त भूमि जो मेघवालों, हरिजनों व गर्ग समुदाय की महिलाओं के लघुशंका के उपयोग में चालीस साल से ली जा रही है। मोहल्ले वासियों ने बताया कि यहा जमीन की कीमत लाखों मे होने से गांव के ही भूमाफियाओं की नजर सरकारी जमीन पर है, जो रातोंरात पत्थर व इटे डालकर अपना कब्जा कर रहे है।

बुधवार रात में कुछ लोगों ने सड़क किनारे जमीन देख अवैध कब्जा कर लिया, मोहल्लेवासियों को सवेरे जानकारी मिलने पर एसडीएम व तहसीलदार नानगाराम चौधरी को चालीस वर्ष से यहा के लोगों के लघुशंका के उपयोग में आ रही ग्राम पंचायत की आगोर भूमि पर अवैध कब्जा करने की जानकारी दी गई। तहसीलदार चौधरी, भूअभिलेख निरीक्षक उम्मेदसिंह राणावत, पटवारी गोपाल व हेडकांस्टेबल दरियाव खा मय पुलिस जाब्ता ग्रामीणों के आक्रोश पर मौके पर पहुचा और सरकारी जमीन पर डाले पत्थरों, इटो, बजरी व बबुलों को अतिक्रमितों से ही टेक्ट्रर ट्रोलियों मे भरवा कर बेदखल किया गया है। वही कुछ भाग पर किए अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

कब जागेगा राजस्व विभाग
मोरसीम गांव में राजस्व विभाग व ग्राम पंचायत की कथित लापरवाही के चलते सरकारी ओरण-गोचर, पायतन व अन्य किस्म की सरकारी जमीन पर दर्जनों लोगों ने जमीन हथियाने मे कोई कसर बाकी नही रखी है, यहा जमीन की वेल्यू लाखों मे होने से भूमाफिया बबूलों के बाड़े बना कर दो-तीन साल बाद जरुरतमंदों को उचे दामों पर बेचकर मोटी कमाई कर रहे है। इतना ही नही ऐसी जमीन की ना बेचानकर्ता और ना ही खरीददार रजिस्ट्री या ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र तक लेते है। प्रशासन को जानकारी होने के बाद भी हाइकोर्ट के आदेश की अनदेखी करने से दिनों दिन हालात विकट हो रहे है और पशुओं के चारागाह के लिए जमीन कम हो रही है।


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