जालोर में भाजपा के गोविन्द टांक तो भीनमाल में कांग्रेस की विमला बोहरा बनी सभापति

जागरूक टाइम्स 259 Nov 26, 2019

-जालोर में भाजपा 25, कांग्रेस 15

-भीनमाल में भाजपा 17 कांग्रेस 23

जालोर। नगर निकाय के चुनाव के तहत सभापति पद के लिए चुनाव सम्पन्न हो गए। जालोर में भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा तो भीनमाल में भाजपा से कांग्रेस ने बोर्ड छीन लिया। जालोर में भाजपा के गोविंद टांक ने कांग्रेस के राजेन्द सोलंकी को दस मतों से हराया तो भीनमाल में कांग्रेस ने भाजपा को 6 मतों से हराते हुए विमला बोहरा पालिका अध्यक्ष बन गई। इस चुनाव में खास बात एक रही कि दोनों पार्टियों के जिलाध्यक्ष अपना गढ़ बचाने में कामयाब रहे। आपको बता दे कि कांग्रेस से डॉ समरजीत सिंह जिलाध्यक्ष है, भीनमाल में निवास होने के कारण उनके लिए कांग्रेस का बोर्ड बनना चुनोती था, लेकिन वे कामयाब रहे। इसी प्रकार जालोर में भाजपा के रविंद्रसिंह बालावत जिलाध्यक्ष है और यहां भाजपा का कब्जा बरकरार रखने की उनके सामने भी चुनोती थी, लेकिन बालावत भी अपना बोर्ड बनाने में कामयाब हो गए। इस लिहाज से देखा जाए तो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दोनों पार्टी के जिलाध्यक्ष ने अपने अपने गढ़ बचा लिए है।

ऐसी थी गणित
दरअसल दोनों स्थानों पर गणित बड़ी मुश्किल बनी हुई थी। जालोर और भीनमाल में 40 वार्ड है और दोनों स्थानों पर भाजपा 18, कांग्रेस 14 और निर्दलीय 8 जीते थे। ऐसे में दोनों स्थानों पर निर्दलीयों के सहारे निकाय प्रमुख का चुनना तय था, दोनों स्थानों पर अध्यक्षों ने अपने – अपने इलाकों में निर्दलीयों को कब्जे में करने की ताकत बखूबी दिखाई और सफल भी हुए।
दोनों स्थानों पर ऐसी थी चुनौती
भीनमाल में काँग्रेस अध्यक्ष के सामने बड़ी चुनौती थी। क्योंकि पिछली बार यहां भाजपा का बोर्ड था और इस बार भी भाजपा 40 में से 18 सीट जीत चुकी थी। कांग्रेस के पास आंकड़ा जुटाने के लिए लम्बा सफर था, लेकिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पालिकाध्यक्ष बनाने के लिए ऐसी गणित सेट की कि निर्दलीयों के साथ साथ एक वोट भाजपा का भी ले पड़े। यहां भाजपा के 18 पार्षद जीते थे, लेकिन पालिकाध्यक्ष पद की उम्मीदवार रेखा माली को केवल 17 वोट ही मिल सके। कांग्रेस ने कांग्रेस के 14, आठ निर्दलीय और एक भाजपा के वोट के सहारे कुल 23 मत हासिल किए। इस प्रकार से भीनमाल में कांग्रेस की विमला बोहरा 23 मत हासिल कर पालिकाध्यक्ष बनी। साथ ही कांग्रेस के जिलाध्यक्ष समरजीतसिंह ने अपने 4 साल के कार्यकाल में बीजेपी से बोर्ड छीनकर लोहा मनवाया।
जालोर में बड़ी चुनौती से बालावत ने जीती जंग
जालोर में इससे पहले भी भाजपा का बोर्ड था। इस बार प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के कारण बड़ी चुनोती थी, लेकिन भाजपा ने अपना बोर्ड बनाने में फिर से सफलता पाई। यहां भी भाजपा ने 18 पार्षद जीते थे। कांग्रेस के पास 14 और 8 निर्दलीय थे। सरकार कांग्रेस की होने और टिकट वितरण से पैदा हुई विपरीत परिस्थिति को अनुकूल बनाने की बड़ी चुनोती थी, लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष बालावत ने विधायक जोगेश्वर गर्ग और वरिष्ठ भाजपाई भभूताराम सोलंकी के सहारे ऐसी रणनीति बनाई कि सभी 8 निर्दलीय में से 7 को अपने पक्ष में कर लिया। जिससे बीजेपी के गोविंद टांक को 25 मत मिले और कांग्रेस को 15 मत ही मिल पाए। इस प्रकार से बालावत की चार वर्ष की जिलाध्यक्ष कुर्सी पर बैठकर जीत की बनाई गई रणनीति एक बार फिर सफल साबित हुई।
पुलिस व्यवस्था रही पुख्ता
नगर परिषद चेयरमैन चुनाव के लिए जालोर नगर परिषद मुख्य गेट समेत चुनाव स्थल तक पुलिस व्यवस्था माकूल रही। मुख्य गेट पर जांच के बाद ही किसी व्यक्ति को प्रवेश दिया जा रहा था। मुख्य गेट के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटी रही। जैसे ही भाजपा के गोविंद टांक के जीत की घोषणा हुई बाहर खड़े समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। लोगो ने भाजपा जिन्दाबाद और गोविंद टांक जिंदाबाद के नारे लगाते हुए पटाखे फोड़े।
कांग्रेस के पार्षद वोट देने आए उस गाड़ी को रोका तो हुआ हंगामा
दरअसल सभापति के लिए सुबह 10 बजे जब मतदान शुरू हुआ तो उसके करीब एक घण्टे बाद 11 बजे भाजपा के 18 पार्षद समेत 6 निर्दलीयों ने वोट कर दिया, लेकिन कांग्रेस के पार्षद करीब 1 बजे के बाद मतदान के लिए आए। ऐसे में जब कांग्रेसी पार्षदों को जो गाड़ी लेकर आई उसे पुलिस ने मुख्य गेट के बाहर एक बार के लिए रोक दिया। जिस पर कांग्रेस समर्थकों ने हंगामा कर दिया। जिसके बाद पुलिस के अधिकारियों ने मामला शांत कर गाड़ी को अंदर जाने दिया। कांग्रेस समर्थकों का कहना था कि जब दूसरी गाड़िया अंदर गई तो इस गाड़ी को क्यो रोक दिया।
जीत के बाद पुलिस ने टांक को अपनी गाड़ी में छोड़ा घर तक
भाजपा के गोविंद टांक के जीत की घोषणा के बाद पुलिस ने जालोर के प्रथम नागरिक को पुलिस की गाड़ी में बिठाकर घर तक छोड़ा। जिस पर टांक के समर्थक टांक के घर जाकर माला पहनाकर बधाइयां दी।




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