प्रशासन ने करोड़ों की सरकारी भूमि को करवाया अतिक्रमण मुक्त

जागरूक टाइम्स 161 Aug 30, 2018

भीनमाल @ जागरूक टाइम्स

शहर के रानीवाड़ा मार्ग पर स्थित 220 केवी जीएसएस के सामने करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने गरुवार को हटवा दिया। यहां कब्जाधारियों की ओर से पक्की चारदीवारी का निर्माण कर अतिक्रमण किया जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान इस चारदीवारी को भी तोड़ दिया। चर्चा है कि इस बड़ी कार्रवाई की वजह सोशल मीडिया पर छीड़ी एक मुहिम है। जिसमें शहरवासियों ने मुखर होकर ना केवल इस अतिक्रमण की खिलाफत की, बल्कि अवैध कब्जा जमाने वालों के नाम तक उजागर किए थे।

जानकारी के अनुसार करीब दो करोड़ बाजार मूल्य की इस सरकारी भूमि पर बीते एक बाह से चारदीवारी का कार्य दिन-रात जारी था। मामला प्रशासन के ध्यान में आने के बाद बुधवार को उपखंड अधिकारी दौलतराम चौधरी के निर्देशन में तहसीलदार शंकराराम गर्ग व नगरपालिका अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर की सहायता से निर्माणाधीन चारदीवारी को धवस्त कर करीब दो करोड़ की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाया गया। इस दौरान सहायक उप निरीक्षक अखाराम चौधरी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

सौ बीघा भूमि अतिक्रमियों के कब्जे में

शहर के रामसीन, करड़ा, भादरड़ा, रानीवाड़ा, राजकीय कॉलेज के पीछे व जुंजाणी मार्ग पर सैकड़ों बीघा सरकारी भूमि खाली पड़ी है। वर्तमान में सताधारी दल से जुड़े लोग व प्रभावशाली लोगों की ओर से रामसीन मार्ग पर खजुरिया नाला से लगाकर साई बाबा मंदिर तक सड़क के दोनों तरफ करीब सौ बीघा सरकारी भूमि अतिक्रमियों के कब्जे में है। कई प्रभावशाली लोगों ने बकायदा चारदीवारी व दुकानों का निर्माण करवाकर होटल व अन्य कारोबार के लिए किराए पर दिया हुआ है। कई लोगों द्वारा स्वयं का कारोबार भी किया जा रहा है। 

फायदे के जुगाड़ में ताक पर रखे कायदे

प्रभावशाली लोगों ने स्वयं की खातेदारी भूमि मेंं कॉलोनी काटते समय इससे सटी सरकारी भूमि को भी कब्जे में ले लिया। इतना ही इस सरकारी भूमि पर भूखंड काटकर इकरारनामे के आधार पर बेच करोड़ों रुपए डकार लिए। एक कारोबारी ने तो मुख्य मार्ग के पट्टासुदा भूखंड से लगती करीब पांच बीघा सरकारी भूमि पर चारदीवारी का निर्माण करवाकर वर्तमान में बड़ा करोबार भी किया जा रहा है। इसी मार्ग पर करीब एक सप्ताह पूर्व प्रशासन द्वारा पक्का निर्माण ध्वस्त कर बेश्कीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाया था। यह हालात भादरड़ा मार्ग, जुंजाणी मार्ग, रानीवाड़ा मार्ग व राजकीय कॅालेज के पीछे स्थिति सरकारी भूमि के भी है। जहां सत्ता और प्रशासन की मिलीभगत के चलते सैकड़ों बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर इकरारानामे के आधार पर विक्रय का कारोबार चल रहा है।

सोशल मीडिया की मुहिम आई काम

दरअसल, शहर में सरकारी भूमि पर चल रहे अतिक्रमण के इस गोरखधंधे को उजागर करने में सोशल मीडिया की मुहिम भी खासी काम आई। करोड़ों रुपए की इस भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छीड़ी हुई है। सोशल मीडिया के एक ग्रुप में तो बकायदा सत्ताधारी दल के लोगों व पार्षदों पर आरोप भी लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पर यह मामला इतना वायरल हुआ कि हरकत में आए प्रशासन को भी कार्रवाई करनी पड़ी।

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