नकबजन गैंग का पर्दाफाश, मंदिरों व मकानों में चोरियों में शामिल तीन शातिर गिरफ्तार

जागरूक टाइम्स 226 Jul 15, 2019

रानीवाड़ा। नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक हिम्मत अभिलाष टांक के निर्देशानुसार सम्पति संबंधी अपराधों में लिप्त अपराधियों की धरपकड़ एवं वरदातों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सांचौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बींजाराम मीणा एवं रानीवाड़ा पुलिस उप अधीक्षक रतनलाल मेघवाल के सुपरविजन में मंदिरों व सूने मकानों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्यवाही करते हुए उप निरीक्षक थानाधिकारी जसवंतपुरा सरिता के नेतृत्व में एएसआई हजूर खां, मय आसूचना अधिकारी कांस्टेबल पदमसिंह मय पुलिस टीम द्वारा तलाश की गई तो निम्बावास निवासी हरचन्दराम पुत्र सुजाणाराम चौधरी व पहाड़पुरा निवासी लीलाराम पुत्र मालाराम मेघवाल को सूरत से दस्तयाब कर शनिवार को पुलिस थाना जसवंतपुरा लाया गया।

जसवंतपुरा थानाधिकारी ने बताया कि दोनों मुलजिमानों से मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मुलजिमानों ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर राजीकावास जैन मंदिर, कागमाला जैन मंदिर, कलापुरा मंदिर, बिलड़ दुदेश्वर मंदिर, पावली बुटडिया फांटा दुकान, पंसेरी डाकघर, कारलु बोटेश्वर महादेव मंदिर, सरहद डोरडा किराणा दुकान तथा आखराड़ पुलिस थाना रानीवाड़ा सूने मकान में चोरी, देलवाड़ा मंदिर, जुजाणी बैंक व जालोर जिले पाली जिले के सहित कई मंदिरों, सूने मकानों भी चोरियां करना बताया। उक्त दोनों को नकबजनी की वारदात में शामिल होने पर गिरफ्तार किया गया। थानाधिकारी के अनुसार मुलजिम हरचंद के विरुद्ध करीब 22 प्रकरण दर्ज हैं तथा पुलिस थाना भीनमाल का हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर भी है। मुलजिमान सूरत नकबजनी की वारदात में चार से पांच माह पूर्व जेल से छूटने के बाद गैंग बनाकर नकबजनी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

इस दौरान मुलजिमानों ने पूछताछ में बताया कि उक्त घटनाओं में चरपटिया निवासी हसांराम पुत्र छोगाराम मेघवाल व अन्य शरीक होने से हंसाराम को रविवार को दस्तियाब कर लाया गया। जिससे पूछताछ जारी है। उक्त मुलजिमानों से उपरोक्त घटनाओं के अलावा नकबजनी की कई वारदातें खुलने की संभावना है। कार्यवाही में पुलिस दल के हैड कांस्टेबल धर्माराम, कांस्टेबल धीरजसिंह, प्रकाश कुमार, बिरबलराम, अशोक कुमार एवं साइबर सेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय जालोर के छत्रपाल शामिल थे।


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