दक्षिण भारत से दो विशेष श्रमिक रेलगाड़ी से 1650 प्रवासी श्रमिक जालोर पहुंचे

जागरूक टाइम्स 112 May 21, 2020

जालोर। खिलौने अब नहीं बिकते, पिछले कईदिनों से रोजगार नहीं होने और खिलौने नहीं बिकने के कारण स्थिति खराब हो गईथी। आजीविका का माध्यम भी नहीं था। ऐसे में घर आना ही एक मात्र सहारा बना हुआ था। यह दास्तां है बुधवार को जालोर पहुंची रेलगाड़ी में आए अलवर के एक दंपती की, जो आंध्रप्रदेश में खिलौने बेचने का काम करते हैं। यह अकेले ही ऐसे प्रवासी नहीं है, जो इस लॉक डाउन में परेशानी झेल रहे हैं। हालांकि कईप्रवासियों की स्थिति दिसावर में आर्थिक रूप से मजबूत भी है, लेकिन श्रमिक और छोटा-मोटा व्यापार करने वालों की संख्या भी हजारों में है। ऐसे में प्रवासी श्रमिकों के लिए चलाई गई रेलगाडिय़ां उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

दक्षिण भारत से राजस्थान राज्य के विभिन्न जिलों के प्रवासी श्रमिकों को लेकर दो विशेष श्रमिक रेलगाड़ी बुधवार को सुबह छह बजे तथा साढे सात बजे जालोर पहुंची, जिसमें जालोर जिले सहित राजस्थान राज्य के विभिन्न जिलों के 1650 प्रवासी जालोर रेल्वे स्टेशन पहुंचे। ग्रेनाइट नगरी की धरती पर पैर रखते ही राजस्थान के प्रवासियों के चेहरों पर घर पहुंचने की खुशी एवं प्रसन्नता नजर आई। जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता के निर्देशानुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार तथा उपखंड अधिकारी एवं इंसिडेंट कमांडर चंपालाल जीनगर के मार्गदर्शन में सोशल डिस्टेंसिंग एवं एडवाईजरी का पालन करते हुए रेल्वे स्टेशन से रोडवेज की बसों द्वारा शाह पंूजाजी गेनाजी स्टेडियम ले जाया गया। स्टेडियम में सर्वप्रथम प्रवासी श्रमिकों को सेनेटाईज करने के पश्चात् स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण कर पंजीयन करने के बाद जिला प्रशासन द्वारा अल्पाहार, भोजन एवं पानी की बोतलें देकर विभिन्न रूटवार रोडवेज बसों के माध्यम से राजस्थान के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया गया।

प्रवासियों से बात की तो उन्होंने मन के उद्गार किए व्यक्त
आंधप्रदेश में मिट्टी के खिलौने बनाने वाले अलवर निवासी पति-पत्नी सनोज व सन्नु देवी ने बताया कि लॉक डाउन के बाद परिवार की आजीविका चलाना मुश्किल हो गया था। इसलिए मजबूरी में अपने प्रदेश वापस लौटना पड़ा। विजयवाड़ा में रहने वाले प्रवासी नरपत ने कहा कि मुश्किल घड़ी में अपनों व परिवार के बीच पहुंचने पर खुशी का एहसास हो रहा है। विजयवाड़ा में कपड़े के व्यवसाय में काम करने वाले गढ़ सिवाणा (बाड़मेर) निवासी राजमुंदरी अपने परिवार के साथ जालोर स्टेशन पर पहुंचकर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस विपदा की घड़ी में राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

स्क्रीनिंग कर प्रवासियों को बसों से किया रवाना
जालोर आगार के प्रबंधक अशोक सांखला ने बताया कि स्टेडियम से स्क्रीनिंग के बाद राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों द्वारा प्रवासी श्रमिकों को राज्य के विभिन्न जिलों में रूटवार भेजा गया है। रेल्वे स्टेशन पर पुलिस की माकूल व्यवस्था के बीच सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रमेश सिंघारिया, सहायक स्टेशन मास्टर उमेश कुमार सिंह, थानाधिकारी बाघसिंह सहित रेल्वे प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी एवं राज्य सरकार के विभिन्न अधिकारियों व कर्मचारियों ने व्यवस्था में सहयोग किया।

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