शूटिंग खिलाडिय़ों के अतिरिक्त हथियार कानून में शत प्रतिशत वृद्धि हो : राठौड़

जागरूक टाइम्स 139 Dec 10, 2019

जयपुर। शस्त्र (संशोधन) कानून 2019 की चर्चा में भाग लेते हुए सोमवार को लोकसभा में पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सांसद जयपुर ग्रामीण कर्नल राज्यवर्धन ने सुझाव देते हुए कहा कि देश में समय-समय पर कानूनों को लेकर चर्चा और चिंतन होना चाहिए, हमारे देश में अवैध हथियार एक चिंता का विषय है। आंकड़ों के अनुसार देश में जितनी भी हत्याएं हुई हैं, उनमें से 90 प्रतिशत अवैध हथियारों से हुई है। नए कानून के तहत अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए सजा में बढ़ोतरी की गई है, अवैध हथियार बनाने वालों की सजा बढ़ाई गई है। शस्त्र कानून में संशोधन के लिए उन्होंने सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा हथियारों को लेकर हर देश में अलग-अलग कानून है। हमारे देश में पुलिस यह तय करती है कि कौन अच्छा नागरिक है और फिर उसे हथियार रखने का लाइसेंस दिया जाता है।

देश में जिन लोगों के पास हथियार रखने का लाइसेंस है, वे देश के एक अच्छे नागरिक के रूप में असामाजिक तत्वों से लडऩे का काम करते हैं। अच्छे नागरिकों को हथियार देकर उसे मजबूती प्रदान करना सरकार का दायित्व है। कर्नल राज्यवर्धन ने कहा जिस प्रकार फायर ब्रिगेड की संख्या कम होने के कारण हम जगह-जगह आग बुझाने के साधन देखेंगे। उसी प्रकार देश में पुलिस और नागरिकों का रेशो भी बहुत कम है तो इसके लिए गृह मंत्रालय और पुलिस लीगल वेपन होल्डर्स को अपने साथ लेकर काम कर सकते हैं।

कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि सरकार द्वारा लाइसेंस धारकों को अपने हथियार संभालना और चलाने का अभ्यास करने के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए लाइसेंस धारकों को पुलिस रेंज में सप्ताह में एक दिन अभ्यास करने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा जहां पर शूटिंग रेंज नहीं है, वहां पर नेशनल राइफल एसोशिएशन से संबद्ध क्लबों को रेंज बनाने की अनुमति दी जाए। कर्नल राज्यवर्धन ने कहा हमारे युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है कि अगर हम चाहते हैं कि शूटिंग में हमारे देश के खिलाडिय़ों ने पूरी दुनिया में अपना दबदबा बनाएं तो उन्हे सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए।

जूनियर शूटर्स, एक्सप्रेशनल शूटर्स, रिन आउट शूटर्स जो काफी कम संख्या में है। उनके लिए अतिरिक्त हथियार के लिए जो नियम अभी लागू है, उसमें शत प्रतिशत वृद्धि होनी चाहिए। उन्होंने कहा पुश्तैनी हथियारों की अलग वैल्यू होती है। उनसे लोगों के इमोशन जुड़े होते हैं तो सुझाव दिया कि एक लाइसेंस पर 2 पुश्तैनी एक्टीवेटेड हथियार रखने और बाकी टेम्पररी डिएक्टीवेटेड हथियार रखने की परमीशन होनी चाहिए साथ ही एक्पीडियस लाइसेंस इश्यू हो किए जाए, जिससे लाइसेंसधारी अपने परिवार के किसी सदस्य को पुश्तैनी हथियार दे सकें जिससे वह हथियार परिवार में ही रहे।


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