राजस्थान को इन्वेस्टर फ्रेण्डली स्टेट बनायेंगे-गहलोत

जागरूक टाइम्स 159 Jun 12, 2019

जयपुर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यालय के कॉन्फ्रेस हॉल में एमएसएमई वेबपोर्टल राजउद्योगमित्र राजस्थान शुभारम्भ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में औद्योगिक निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करेगी मात्र 6 माह में ही ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और राजस्थान इन्वेस्टर फ्रेण्डली स्टेट बनेगा।

मार्च माह में लाया गया सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (फैसिलिटेशन ऑफ एस्टेब्लिशमेंट एण्ड ऑपरेशन) अध्यादेश, 2019 तथा आज शुरू किया गया एमएसएमई वेब पोर्टल इसी दिशा में क्रांतिकारी कदम हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं की चिंता दूर होगी और रोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध होंगे। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आपकी दिक्कतों का अहसास है। राज्य सरकार उद्यमों की स्थापना में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए हमेशा तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने के लिए ऐसा ऐतिहासिक अध्यादेश लागू किया है। अब राज्य में उद्यम लगाने के लिए एमएसएमई उद्यमियों को तीन साल तक किसी प्रकार की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी। इस वेबपोर्टल पर स्वघोषणा प्रपत्र भरकर ही उद्यमी अपना एमएसएमई उद्यम स्थापित कर सकेंगे। उन्हें किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें हर तरह के सरकारी हस्तक्षेप से मुक्ति मिलेगी और वे निश्चिंत होकर अपना कारोबार कर सकेंगे। आने वाले विधानसभा सत्र में ही इस अध्यादेश को बिल बनाकर एक्ट का रूप देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए भी प्रदेश में 10 हैक्टेयर तक कृषि भूमि का लैण्ड यूज चेंज करने की आवश्यकता नहीं है।

सरकार जल्द ही नई उद्योग नीति लाएगी। नेशनल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की तर्ज पर ही प्रदेश में भी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल बनाई जाएगी तथा सिंगल विण्डो सिस्टम को भी प्रभावी बनाया जाएगा। राजस्थान इण्डस्ट्रियल प्रमोशन स्कीम (रिप्स) को भी हम और अधिक इन्वेस्टर फ्रेण्डली बनाएंगे। गहलोत ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल में प्रदेश में विण्ड एनर्जी की सम्भावनाओं को पहचानते हुए इस दिशा में शुरुआत की थी।

उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा ने इस अवसर पर कहा कि इस अध्यादेश से प्रदेश में उद्योगों की स्थापना को गति मिलेगी। निवेश के अनुकूल माहौल बनेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने अध्यादेश एवं वेबपोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस अध्यादेश के प्रभावी होने से उद्यमियों की परेशानियां दूर होंगी।


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