सरकार का ऐलान, किसानों को बड़ी राहत बिजली शुल्क वापस

जागरूक टाइम्स 90 May 24, 2018
जयपुर। राजस्थान सरकार ने कृषि विद्युत कनेक्शन और अनमीर्टड विद्युत कनैक्शनों पर बढायी दरों को तत्काल वापस लेने की घोषणा की है। राजस्थान के उर्जा मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले फीड बैक के आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इन दरों को वापस लेने से डिस्काम पर प्रतिवर्ष 500 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा जिसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। नियाम आयोग की सिफारिशों पर राज्य सरकार ने सितम्बर 2016 से कृषि कनैक्शनों पर 25 पैसे प्रति युनिट बढाकर एक रूपया पन्द्रह पैसा कर दिया था। इसी तरह अनमीटर्ड विद्युत कनैक्शनों का चार्ज 85 रूपये से बढाकर 120 रूपये कर दिया गया था। इन दोनों वृद्धि को तत्काल वापस ले लिया गया है। जिन काश्तकारों ने सितम्बर से यह बिल जमा करा दिये हैं उनको अगले बिलों में समायोजित कर दिया जायेगा। नोटबंदी और किसानों के आक्रोश के कारण बधाई गई दरों को वापस लेेने संबंधी सवालों को टालते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषकों के हित में यह निर्णय लिया है। सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने कृषि उपभोक्ताओं के लिए ेसिविल लाइबिटीजब की अधिकतम राशि चार माह से घटाकर दो माह कर दी है । इसके अलावा समझौता राशि की दर को भी दो हजार रूपये प्रति हार्स पावर से घटाकर एक हजार रूपये प्रति हार्स पावर कर दिया है। इसी प्रकार राज्य सरकार ने वीसीआर में किसानों की शिकायतों की सुनवाई के लिए जिला स्तर पर वीसीआर मोनिटरिंग समितियां गठित की है। इन समितियों में वीसीआर जांच के लिए 60 दिन तक शिकायत प्राप्त होने पर 15 दिन में ही निस्तारित किया जायेगा । इसके अलावा जिन किसानों के मीटर सही ढंग से चल रहे है ऐसे काश्तकारों के लोड की जांच नहीं की जायेगी। दिसम्बर 2014 के बाद भी किसी कारण मांग राशि जमा नहीं कराने वाले किसानों को एक और अवसर प्रदान किया जायेगा ताकि वह अपने मांगपत्र जमा करा कर कृषि कनैक्शन ले सकें। किसानों द्वारा डिस्काम के स्तर पर बगैर जांच या बिना आवेदन लोड बढाये जाने की शिकायतों पर राज्य सरकार ने ऐसे समस्त प्रकरणों का निराकरण करने के लिये बढाये गये लोढ को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही किसानों के पंप के लोड चैङ्क्षकग में 20 प्रतिशत एवं अधिकतम पांच हार्स पावर तक के लोड में रियायत दी जायेगी । इस निर्णय से राज्य के पांच लाख किसान लाभांवित होगें। उन्होंने विद्युत कनैक्शनों की शिकायतों के संबंध मेें कहा कि विद्युत वितरण कपंनियों द्वारा आगामी माह में पूरे प्रदेश में पंचायत , उपखंड स्तर पर विद्युत संबंधी शिकायतों के निराकरण एवं उपभोक्ताओं को बेहत्तर सुविधाएं प्रदान किये जाने के लिए शिविरों के आयोजन किये जाएंगे। इसी तरह बूंद बूंद फौव्वारा ,डिग्गी ङ्क्षसचाई पद्धति आधारित कृषि कनेक्शनों की विद्युत दरें तीन वर्ष बाद सामान्य श्रेणी में परिवर्तित कर दी जायेंगी। इस निर्णय से लगभग 45 हजार कृषक लाभान्वित होंगे।

Leave a comment