ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-उदयपुर का शुभारम्भ

जागरूक टाइम्स 76 May 24, 2018
जयपुर/उदयपुर : मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि किसान राजस्थान के विकास का पार्टनर है और जब तक किसान मजबूत नहीं होगा तब तक प्रदेष आगे नहीं बढ़ सकता। इसीलिए किसानों एवं पषुपालकों को समृद्ध और सम्पन्न बनाने के लक्ष्य को लेकर हमारी सरकार ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के आयोजन कर रही है। उन्हांेने कहा कि ‘ग्राम-उदयपुर’ में शामिल होकर संभाग के किसान कृषि, एग्रो-प्रोसेसिंग, पषुपालन, मत्स्य पालन, जैविक कृषि एवं डेयरी के क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को सीखकर तरक्की का नया अध्याय लिखेंगे। श्रीमती राजे मंगलवार को उदयपुर के सीटीएई काॅलेज ग्राउण्ड में प्रदेष के तीसरे ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने झालावाड़ जिले मंे ग्राम सरेड़ी के प्रभुलाल साहू सहित अन्य किसानों का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्राम का आयोजन प्रदेष के किसानों की आय बढ़ाकर उनकी जिंदगी बदल रहा है। 26 वन उपज ट्रांजिट परमिट से मुक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदाय की मांग को देखते हुए हमने तेंदू फल, रतनजोत बीज, पुआड, आंवला फल, महुआ, महुआ बीज सहित 26 वन उपजों को ट्रांजिट परमिट से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदेष में चार फसलों मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर एक साथ खरीद की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए इस बार प्रदेष में 52 खरीद केन्द्र बढ़ाए गये हैं। बनाएंगे 75 हजार करोड़ के ब्याज मुक्त फसली ऋण का रिकाॅर्ड श्रीमती राजे ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को पिछले साढे़ तीन वर्षाें में करीब 57 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण दिया है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में हम 75 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण देकर देश में एक नया रिकाॅर्ड बनायेंगे, जबकि पिछली सरकार ने 5 वर्षों में सिर्फ 25 हजार करोड़ रूपये का ही ब्याज मुक्त फसली ऋण दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने साढ़े तीन वर्षों में 1 हजार 654 करोड़ रूपये का मध्यकालीन ऋण भी दिया। भूमि विकास बंैकों से किसानों को मिलेगा साढे़ 5ः ब्याज दर पर ऋण मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हम भूमि विकास बैंकों और जिला सहकारी बैंकों की ब्याज दर लगातार घटा रहे हैं। पिछली सरकार में भूमि विकास बैंकों से किसानों को जो ऋण 12ः या उससे अधिक ब्याज दर पर मिलता था, उसे घटाकर हमने 7ः किया और वर्तमान में तो हम 6.7ः ब्याज दर पर ही किसानों को ऋण उपलब्ध करा रहे हैं। ब्याज दर को अब साढे़ 5ः तक कर दिया जाएगा। किसानों की व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ 12 गुना बढ़ाया श्रीमती राजे ने कहा कि ऋणी किसानों का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमा लाभ हमारी सरकार ने 50 हजार से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया है। अगले वित्तीय वर्ष में इसे 10 लाख रुपये किया जाएगा। इस वर्ष करीब 25 लाख किसानों को इस बीमा योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि 55 रुपये वार्षिक किस्त वाली इस बीमा योजना में किसान से केवल साढे़ 27 रुपये ही लिए जाते हैं, बाकी की आधी राशि सहकारी बैंकों द्वारा जमा कराई जाती है। पंजाब में 120 रूपये की पूरी वार्षिक किस्त किसानों को ही देनी होती है और इसमें 5 लाख रूपये तक का ही बीमा हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक साथी सहायता योजना मंें पहले दी जाने वाली एक लाख रुपए की सहायता को बढ़ाकर हमने 2 लाख रुपए कर दिया है। खेती करते समय दुर्घटनाग्रस्त होने या मृत्यु होने पर किसान और खेतीहर मजूदर को अब तक हमने 125 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की है। श्रीमती राजे ने कहा कि प्रदेश में डेयरी उद्योग को नई ऊंचाईयां प्रदान करने एवं मिल्क यूनियनों को सशक्त बनाने के लिए राज्य में 100 करोड़ रुपये का फण्ड बनाया जा रहा है। इस फण्ड से 9 लाख दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। छोटे किसानों के लिए कृषि उपकरण वितरण केन्द्र मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेष के लघु एवं लघु सीमान्त कृषकों को अच्छे कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कस्टम हायरिंग सेन्टर योजना शुरू की गयी है। इसके लिए टैªक्टर और कृषि उपकरण निर्माता कम्पनियों टैफे, महिन्द्रा तथा एम-3 एग्री सर्विसेज के साथ एमओयू किया गया है। ये कंपनियां तीन वर्षों में राज्य में 2 हजार 652 कस्टम हायरिंग सेन्टर स्थापित करेंगी। इनमें से इस वर्ष 750 सेन्टर स्थापित किए जा रहे हैं। एग्री-टूरिज्म के क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एग्री-टूरिज्म के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य के किसान इसका लाभ उठाएं। किसान परम्परागत खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों की खेती को भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि ग्राम-उदयपुर में हाॅर्टिकल्चर, बायोगैस, एग्रोप्रोसेसिंग सहित विभिन्न क्षेत्र में होने वाले एमओयू का लाभ यहां के किसानों को मिलेगा। श्रीमती राजे ने कार्यक्रम में वियतनाम, अर्जेन्टीना, जर्मनी, ब्राजील, स्पेन, उज्बेकिस्तान और रूस से आए विदेषी मेहमानों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कृषि क्षेत्र में उज्बेकिस्तान और राजस्थान साथ करेंगे काम-अरजिएव ग्राम-उदयपुर के पार्टनर कन्ट्री उज्बेकिस्तान के राजदूत श्री फरहौद अरजिएव ने कहा कि उनका देष इन्टेन्सिव गार्डनिंग, ग्रीन हाउस तकनीक सहित कृषि से जुडे़ विभिन्न क्षेत्रों में राजस्थान के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में संयुक्त परियोजना शुरू करने की संभावनाएं भी तलाषी जाएंगी। उन्होंने प्रदेष के उद्यमियों को उज्बेक एग्रीटेक एक्सपो सहित अपने देष के विभिन्न आयोजनों में शामिल होने के लिए आंमत्रित भी किया। श्री अरजिएव ने ग्राम-उदयपुर में उज्बेकिस्तान को पार्टनर कन्ट्री बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इससे उनके देष को भारत में हो रहे कृषि नवाचारों को जानने का अवसर मिला है। कृषि सुधारों में राजस्थान देश का अग्रणी प्रदेष- श्री शेखावत केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने प्रदेष में किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ई-नाम पोर्टल को अपनाने वाले एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने वाले राज्यों में राजस्थान अग्रणी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में किसानों ने कृषि पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए पषुपालन जैसे वैकल्पिक रोजगारों को भी अपनाया है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए समन्वित कृषि और अधिक मूल्य वाली फसलों को अपनाना होगा। मेवाड़ के लिए मुख्यमंत्री के प्रयास प्रषंसनीय- श्री कटारिया गृह मंत्री श्री गुलाब चन्द कटारिया ने कहा कि मेवाड़ के किसानों को बराबरी और सम्मान से जीने का अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री जो प्रयास कर रही हैं वे प्रषंसनीय हंै। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उदयपुर में लघु वन उपज मण्डी शुरू की गई है, जिसमें 120 करोड़ रूपये का व्यापार हुआ है। उन्होंने कहा कि जयसमंद, सोमकागदार, सोमकमला अम्बा सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत का काम शुरू करने से बड़ी संख्या में किसान लाभांवित होंगे।

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