राजस्थान में आंधी-तूफान : ३४ की मौत, १०० घायल

जागरूक टाइम्स 90 May 24, 2018
जयपुर। राजस्थान के चार जिलों में बुधवार रात आए आंधी और तूफान में मृतकों की संख्या 34 हो गई है। वहीं 100 से अधिक लोग घायल हो गए, घायलों में 10 की हालत गंभीर बनी हुई है । राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपए का मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की घोषणा की है । मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंत्रियों को बवंडर से प्रभावित जिलों में भेजा है। प्रदेश में बुधवार शाम करीब 7 बजे से देर रात तक 120 किलोमीटर तक प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा ने भरतपुर,धौलपुर और अलवर जिलों में तबाही मचा दी। अन्य जिलों में भी तूफान का असर देखने को मिला। तूफान का सबसे अधिक कहर भरतपुर जिले में हुआ । तूफान के कारण गिरे कच्चे घरों,पेड़ों और बिजली के खम्भों के नीचे दबने से 17 लोगों की मौत हो गई । तूफान के कारण धौलपुर जिले में 10, अलवर जिले में 6 और झुंझुंनू जिले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई । तूफान का असर प्रदेश के सवाई माधोपुर, दौसा और जयपुर से श्रीगंगानगर जिले तक भी दिखाई दिया। हालांकि इन चारों जिलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। जयपुर में आंधी चली, लेकिन रफ्तार 18 किमी.प्रतिघंटा की रही। भरतपुर जिला कलेक्टर एन.के.गुप्ता ने बताया कि गांवों लोगों की मौत का प्रमुख कारण कच्चे घरों का गिरना है। लोगों ने कच्ची दीवारों पर लोहे के टीन शैड़ की छत बनाकर 5 से 10 किलो वजन के पत्थर रखे हुए थे,जैसे ही तेज तूफान के कारण टीन शैड़ उड़ा तो पत्थर घर में सो रहे लोगों पर आकर गिरे और उनकी मौत हो गई । कच्चे घरों की दीवारों के गिरने और पत्थरों के नीचे दबने से कुल 14 लोगों की मौत हुई, शेष 3 लोगों की मौत पेड़ों के नीचे दबने से हुई है, जिले में करीब 50 लोग घायल हो गए है जिनका जिला सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। धौलपुर के तीन गांवों में आग लगने से कच्चे घर जल गए। रात करीब 8 बजे छप्पर के घरों में चूल्हों पर खाना बन रहा था कि अचानक आई आंधी और तूफान के कारण आग की लपटों ने घरों को जलाकर खाक कर दिया । धौलपुर में 3 लोग तो जिंदा जल गए। वहीं 5 लोग घरों के नीचे दब गए, दो लोगों की मौत पेड़ों के नीचे दबने से हुई है। धौलपुर जिले में हीं 30 लोग घायल हो गए हैं, इनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है । अलवर जिले में रात करीब 8 बजे आई तेज आंधी और तूफान से मची तबाही में एक बच्ची सहित 6 लोग मारे गए। इनमें बच्ची और दो लोगों की मौत कच्चा घर गिरने से हुई और दो लोगों की मौत पेड़ के नीचे दबने से हुई। अलवर जिले में करीब 15 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। तूफान के कारण कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। धूलभरी आंधी चलने के कारण कई मार्गों पर वाहन आपस में भिड़ गए। नेशनल हाइवे रहा पूरी रात जाम,रेल यातायात प्रभावित प्रदेश के भरतपुर, अलवर एवं धौलपुर सहित अन्य जिलों में तूफान के कारण मची तबाही की असली जानकारी बुधवार रात 12 बजे बाद पहुंची। शाम करीब 7 बजे से शुरू हुए आंधी और तूफान के दौर को पहले तो सामान्य माना जा रहा था,लेकिन रात 11 बजे बाद जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को लोगों के मरने की सूचना मिलने लगी। उन्होंने यह सूचना मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचाई। इसके बाद रात 12 बजे से बचाव कार्य शुरू हुए। तेज आंधी और तूफान में पेड़ों के गिरने से बाधित हुए जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग,जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजामार्ग सहित अन्य मार्गों से पेड़ों को हटाने का काम रात में ही शुरू किया गया जो गुरूवार सुबह तक जारी रहा। गुरूवार को इन दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों से पर यातायात की आवाजाही प्रारम्भ हो गई। गुरूवार दोपहर बाद ग्रामीणों सड़कों से पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया गया। तूफान प्रभावित जिलों में रेल यातायात पर भी असर हुआ। कुछ ट्रैक पर पेड़ों के गिरने से ट्रेन प्रभावित हुई। 5,000किमी.विधुत लाइन खराब,सैंकड़ों खम्भे गिरे तूफान के कारण भरतपुर, धौलपुर और अलवर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में 5,000 किमी.विधुत लाइन खराब हो गई। सैंकड़ों बिजली के खम्भे नीचे गिर गए। विधुत लाइन नीचे गिरने के कारण कुछ जगह जानवरों के भी करंट की चपेट में आने की सूचना है। उर्जा मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि तीन दिन में विधुत आपूर्ति व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं । पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि अधिकारियों के अवकाश रद्द कर उन्हे काम संभालने के लिए कहा गया है। इधर जलदाय विभाग ने भी प्रभावित गांवों में पानी के टैंकर पहुंचाने की व्यवस्था की है । मंत्रियों को जिलों में भेजा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने तबाही में लोगों की मौत पर संवेदना जताते हुए मंत्रियों को तूफान प्रभावित जिलों में भेजा है।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ को भरतपुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी को धौलपुर और वन मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर एवं श्रम मंत्री जसवंत यादव को अलवर,खान मंत्री सुरेन्द्र पाल टीटी को झुंझुंनू जिलों में भेजा है। मंत्रियों ने तूफान प्रभावित गांवों में जाकर नुकसान का जायजा लेने के साथ ही मृतकों के घरों पर जाकर संवेदना जताई । मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अगले दो दिन जिलों में ही रहने के निर्देश दिए है। जन्मदिन कार्यक्रम निरस्त कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने अपने जन्मदिन का कार्यक्रम निरस्त कर दिया है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में आई तेज आंधी के कारण लोगों की मौत होने से हमें बहुत आघात पहुंचा है और दुख की इस घड़ी में हम पीडि़तों के परिजनों के साथ हैं। राहत पहुंचाने के प्रयास प्रदेश के आपदा प्रबंधन मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि सरकार को अब तक 32 लोगों के मरने की अधिकृत सूचना मिली है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपए की सहायता राशि उपलब्ध कराने का काम गुरूवार शाम से शुरू हो गया। लोगों को राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। खाघ सामग्री के साथ ही पीने का पानी और दवाईयां उपलब्ध कराने के लिए तहसील स्तर पर अधिकारियों की टीम तैनात की गई है। आपदा प्रबंधन के लिए 2.5 करोड़ की सहायता राशि जारी की गई है। इसमें भरतपुर जिले को 1 करोड़,धौलपुर को 85 लाख और अलवर जिले को 65 लाख रूपए की राशि कलेक्टरों को ट्रांसफर कर दी गई है।

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