केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बोले, दो हजार के नोट से ग्रामीणों को परेशानी

जागरूक टाइम्स 70 May 24, 2018
झुंझुनूं। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि नोटबंदी को 50 दिन पूरे हो चुके हैं। नोटबंदी के शुरुआती दिनों में तकलीफें हुई थीं लेकिन अब स्थिति सुधरने लगी है। आठ नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा करते कहा था कि 50 दिन बाद तकलीफें कम होंगी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को तकलीफें होने का मुख्य कारण है दो हजार रुपए के नोट का चलन में कम होना व खुल्ले नहीं होना। वे बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। मेघवाल ने कहा कि उन्होंने देश-प्रदेश में कई जगह का दौरा किया है। नोटबंदी को लेकर परिस्थितियां सामान्य होने लगीं हैं। दो हजार के नोट के खुल्ले नहीं होने तथा सौ रुपए के नोट का लोगों ने किसी भी संकट के चलते स्टॉक कर लिया लेकिन अब कोई संकट नहीं रहेगा। नोटबंदी का फैसला इकॉनोमी सेक्टर में एक व दो नंबर के काम कर कालाबाजारी करने, कालाधन, भ्रष्टाचार मिटाकर देश को आर्थिक उन्नति की ओर लेकर जाना एक अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि देश डिजिटल इंडिया की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 60 फीसदी से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री मेघवाल ने कहा कि आठ नवंबर 2016 से पहले देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन महज 17 फीसदी था लेकिन नोटबंदी के बाद यह बढ़कर 60 फीसदी से अधिक हो गया। इससे स्थिति साफ हो रही है कि देशवासी मोदी का साथ दे रहे हैं। इसके चलते राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक क्षेत्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में कैश ट्रांजेक्सन चार फीसदी और हमारे यहां पर 12 फीसदी है। जिसके चलते जीडीपी में बहुत बड़ा अंतर चल रहा है। देश को अगर उन्नति की ओर से ले जाना है तो थोड़ी तकलीफें झेलनी थीं, झेल ली। जल्द ही भारत आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनकर उभरेगा। किसी को नहीं बख्शा जाएगा जगह-जगह नए व पुराने नोटों के पकड़े जाने पर उन्होंने कहा कि कोई भी इस अपराध में लिप्त है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस मुहिम को खराब करने का काम किसी पार्टी से जुड़े लोग, बैंक के अधिकारी-कर्मचारी या फिर अन्य हो सब ट्रेकिंग सिस्टम से पकड़े जाएंगे। इंटेलिजेंस एजेंसियों की हर पल नजर उन्होंने कहा कि रेवन्यू इंटेलिजेंस एंजेसियों की नजर कालाधन व बेनामी प्रोपर्टी वालों पर लगी हुई है। किसी के भी खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई नहीं की जा रही है। अगर किसी के पास पैसा ईमानदारी का है तो हिसाब दे दें। एक नहीं है विपक्ष मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं। शीतकालीन सत्र में उनका बयान आया कि हम पूरे भारत को बंद रखेंगेे। फिर विपक्ष में दो आवाजें आने लगीं कि हम आक्रोश दिवस मनाएंगेे। फिर किसी ने कहा कि खाली धरना देंगे। शीतकालीन सत्र में विपक्ष एक था। विपक्ष तो तभी टूट गया, जब राहुल गांधी पीएम मोदी से मिलने चले गए।

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