Rajasthan: अनियमित बारिश के कारण प्रदेश में लक्ष्य से खरीफ की बुवाई

जागरूक टाइम्स 130 Sep 17, 2020

जयपुर. अच्छी बारिश और लॉकडाउन के चलते इस बार देश में खरीफ की बुवाई ज्यादा क्षेत्र में हुई है. पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब 59 लाख हैक्टेयर ज्यादा क्षेत्र में खरीफ की फसलें बोई गई हैं. लेकिन राजस्थान में स्थिति इसके उलट है. राजस्थान में कृषि विभाग द्वारा तय किया गया बुवाई का टारगेट पूरा नहीं हो पाया है. कृषि विभाग के बुवाई के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में बुवाई तय लक्ष्य के मुकाबले 90.3 प्रतिशत क्षेत्र में ही हो पाई है.

राजस्थान में खरीफ की बुवाई तय लक्ष्य से 15 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में कम हुई है. प्रदेश में 1 करोड़ 63 लाख हैक्टेयर में खरीफ की बुवाई का लक्ष्य था लेकिन इसके मुकाबले 1 करोड़ 48 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई. यह आंकड़ा पिछले साल से भी 14 लाख हैक्टेयर कम है. पिछले साल 1 करोड़ 62 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी.

अनाज का 60.25 लाख हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य था, लेकिन 56.91 लाख हैक्टेयर में ही इसकी बुवाई हो पाई. वहीं दलहन की 39.62 लाख हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य था, लेकिन इसका आंकड़ा 34.10 लाख हैक्टेयर तक ही पहुंच पाया. अनाज और दलहन मिलाकर यानि कुल खाद्यान्न की बात करें तो 1 करोड़ हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य था लेकिन इनकी भी 91.11 लाख हैक्टेयर में ही खाद्यान्न की बुवाई हो पाई. हालांकि तिलहन की बुवाई तय लक्ष्य से ज्यादा क्षेत्र में हुई है. तिलहन की बुवाई 22.30 लाख हैक्टेयर में करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसकी बुवाई लक्ष्य से ज्यादा 22.39 लाख हैक्टेयर में हुई. खरीफ की प्रमुख फसलों की अगर बात की जाए तो बाजरे की बुवाई 42 लाख 95 हजार हैक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 39 लाख 42 हजार हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई.

देश में जहां बुवाई का रकबा बढ़ने के लिए अच्छी बारिश और लॉकडाउन के चलते बनी परिस्थितियां जिम्मेदार रही वहीं राजस्थान में कम बुवाई की वजह बारिश की अनियमितता रही. दरअसल जब बुवाई का समय था तब बारिश प्रदेश से नदारद रही. बारिश में लम्बा अंतराल भी रहा. बारिश ने हालांकि भादौ में पानी की कमी पूरी कर दी, लेकिन बुवाई के लिए वह वक्त ज्यादा मुफीद नहीं था. देरी से हुई बारिश फसल को जीवित रखने में तो मददगार साबित हुई लेकिन इससे बुवाई का रकबा अपेक्षा के अनुरुप नहीं बढ़ा. हालांकि प्रदेशवासियों के लिए खुशी की बात ये है कि भले ही बुवाई का टारगेट पूरा नहीं हो पाया हो लेकिन फसल अच्छी स्थिति में है.


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