विधान सभा में स्थगित सवाल और गौरव यात्रा की गूंज

जागरूक टाइम्स 140 Sep 7, 2018

- 4 हजार सवाल और गौरव यात्रा पर कांग्रेसी विधायकों का हंगामा

- न प्रश्नकाल हुआ और न ही शून्यकाल

जयपुर @ जागरूक टाइम्स

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल और शून्यकाल हंगामे की भेंट चढ गया। गुरुवार को जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ तो कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा ने खडे होकर बोलना शुरू किया और कि सरकार लोकतंत्र के साथ मजाक कर रही है। जनप्रतिनिधियों का अपमान कर रही है। आखिर सरकार बताए कि विधायकों की ओर से लगाए गए 4 हजार सवाल  निरस्त किए गए। करीब 10 मिनिट के हंगामे के बाद अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि आसन ने जो व्यवस्था दी है उस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। इस पर कांग्रेसी विधायकों ने हंगामा जारी रखा तो अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने 12 बजे तक के लिए विधान सभा स्थगित कर दी।  

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स्थगन प्रस्ताव खारिज करने से भडके डोटासरा

लेकिन जैसे ही 12 बजे विधान सभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो विधान सभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने स्थगन प्रस्ताव पढ़ना शुरू किया तो गौरव यात्रा पर खर्च के ब्यौरे को लेकर विधायक डोटासरा की ओर से लगाए गए स्थगन प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस पर डोटासरा और अन्य कांगेसी विधायक अपनी सीटों पर खडे़ हो गए। कांग्रेस के विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने गौरव यात्रा में हुए सरकारी खर्च का ब्यौरा देने की बात कही। डोटासरा ने कहा कि जनता के पैसे का सरकार ऐसे दुरुपयोग नहीं कर सकती। इस पर हंगामा बढता गया और अध्यक्ष केलाश मेघवाल ने फिर से 2 बजे तक विधान सभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

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राठौड़ ने फिर कहा—नेता प्रतिपक्ष को नहीं है संसदीय नियमों की जानकारी

4 हजार सवालों को स्थगित करने के मामले पर संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को संसदीय ज्ञान नहीं है। 1800 सवाल ऐसे थे जो कांग्रेस सरकारो के कार्यकाल में विधायकों की ओर से पूछे गए थे। लेकिन उस समय नौकरशाही सरकार के काबू में नहीं थी और विधायकों के सवालों के जवाब नहीं दिए। वहीं कुछ सदस्यों के निधन होने के कारण अब उन सवालों की प्रासंगिता नहीं रही। राठौड ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष को संसदीय ज्ञान होता तो वे ऐसे सवालों को उठा कर सदन की कार्यवाही केा बाधित नहीं करते।

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आज रखी गई 100 से ज्यादा अधिसूचनाएं और वार्षिक प्रतिवेदन

आज विधान सभा में वित्त ,आबकारी आयोजना समेत आधा दर्जन विभागों की 100 से जयादा अधिसूचनाएं सदन में रखी गई। इसके साथ ही विधान सभा की जनलेखा समिति की ओर से नियंत्रक महालेखा परीक्षक की ओर से विििाीन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन, राजकीय उपक्रम समिति की ओर से बिजली कंपनियों के वार्षिक प्रतिवेदन, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने राजस्थान राज्य एग्रो इंडस्ट्री समेत कई विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन रख्रो। इसके साथ ही चार नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबधित विधेयक भी पास किए गए।


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