कटारिया के बाद दो और कांग्रेसी नेताओं के सियासी बयान, प्रदेश कांग्रेस में हलचल

जागरूक टाइम्स 428 Jul 27, 2018

- प्रहलाद रघु व संजय बाफना बोले -गहलोत की लीडरशिप में ही कांग्रेस की जीत

-प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे की सख्ती के बाद भी नेताओं का बागी अंदाज जारी, पार्टी में अंतर्कलह चरम पर

जयपुर @ जागरूक टाइम्स

पूर्व केन्द्रीय मंत्री लालचंद कटारिया के अशोक गहलोत के नेतृत्व में चुनाव कराने के बयान देने के बाद अब अन्य नेता भी खुलकर ऐसे बयान देने लगे हैं। भले ही प्रभारी अविनाश पांडेय ने सख्त निर्देश ऐसी बयानबाजी नहीं करने के दे दिए हो, लेकिन कांग्रेस नेता अब खुलकर गहलोत को आगे करने की तरफदारी करने लगे हैं। बगरु से विधायक का चुनाव लड़ चुके और पीसीसी सदस्य डॉक्टर प्रहलाद रघु ने भी ऐसा बयान दिया है।


रघु ने कहा कि जनता चाहती है कांग्रेस चुनाव जीते, लेकिन यह तभी संभव होगा जब चुनाव गहलोत की लीडरशिप में लड़ा जाएगा। रघु यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि जनता के बीच जब हम जाते हैं तो वो हमें पूछती है कि पहले अपना दूल्हा तो तय करें। साथ ही रघु ने कहा कि कटारिया ने एकदम सही बोला है। इसके थोड़ी देर बाद ही कांग्रेस नेता व सांगानेर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके संजय बाफना ने भी अशोक गहलोत की लीडरशिप में ही चुनाव जीतने की बात कही। एक के बाद एक लगातार आ रहे बयान से साफ है कि ऐसी बयानबाजी अब और तेज होने वाली है। हैरानी की बात है कि रघु भी सीपी जोशी गुट के नेता है। इससे पहले कटारिया ने जो बयान दिया वो भी सीपी जोशी गुट के नेता है। ऐसे में इनके बयानों के कईं मायने निकाले जा रहे हैं।

आपको बता दें कांग्रेस के पूर्व केन्द्रीय मंत्री लालचंट कटारिया ने गुरुवार को दिल्ली में गहलोत के समर्थन में चुनाव लड़ने का बयान देकर कांग्रेस में हलचल मचा दी थी। पीसीसी चीफ सचिन पायलट के विदेश जाते ही कटारिया के इस बयान को प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने गैरजिम्मेदार बताते हुए शुक्रवार सुबह ही संगठन की तरफ से उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। इस बीच दोपहर को कांग्रेस नेता डा. प्रहलाद ने इसी तरह का बयान देकर प्रभारी की नसीहत को दरकिनार कर एक और बयान दे दिया। आपको बता दे कि लालचंद कटारिया सीपी जोशी गुट जबकि प्रहलाद रघु व संजय बाफना गहलोत गुट के नेता माने जाते हैंं।


इन बयानों के सियासी मायने

विधानसभा चुनाव में महज करीब चार माह बचे हैं और प्रदेश कांग्रेस में अशोक गहलोत व सचिन पायलट को लेकर अंतर्रकलह चरम पर है। पहले मेरा बूथ मेरा गौरव में जूतमपैजार और अब आगामी चुनाव में लीडरशिप को लेकर कांग्रेस नेताओं के आ रहे बयान यह बताते हैं कि प्रदेश कांग्रेस भले ही सत्ता का सपना देख रही हो, मगर उनकी पार्टी की अंदरूनी लड़ाई चिंताजनक है। दिल्ली स्थित पॉवर सेंटर से राहुल गांधी ने पीसीसी चीफ सचिन पायलट को फ्री हैंड दे रखा है। इस बात से गहलोत समर्थक अपना टिकट कटने के चक्कर में जल्द से जल्द गहलोत को लीडरशिप सौंपने को लेकर बयान दे रहे हैंं, मगर इन सब में नुकसान कांग्रेस का ही हो रहा है।

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