राजस्थान विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का नियमन प्रकरण : राज्यपाल ने दिए जांच के आदेश

जागरूक टाइम्स 148 Sep 7, 2018

जयपुर @ जागरूक टाइम्स

राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याणसिंह ने राजस्थान विश्वविद्यालय में बत्तीस कर्मचारियों के नियमन के मामले को जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भेजा है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण के सभी बिन्दुओं का गहनता से अध्ययन करवाया है। इस मामले में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाई गई हैं।

विष्वविद्यालय के कर्मचारियों को नियम विरुद्ध नियमितीकरण किए जाने की जानकारी गत दिनों राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याणसिंह के संज्ञान में आई थी। उन्होंने इस संबंध में प्राप्त विभिन्न शिकायतों पर विश्वविद्यालय के कुलपति से बिन्दुवार जवाब मांगा था। 

विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं दस्तावेजों का राज्यपाल कल्याणसिंह ने राजभवन के अधिकारियों से विश्लेषण करवाया। जिसमें सामने आया कि विश्वविद्यालय में अस्थाई/तदर्थ/दैनिक आधार पर व्यक्तियों की नियुक्तियां की गई। कार्मिकों का नियमितीकरण तथा वेतनमान व वित्तीय लाभ प्रदान किए गए। प्रकरण में विश्वविद्यालय के अधिनियम के प्रावधानों की पालना भी नहीं की गई है।

कर्मचारियों को तदर्थ नियुक्ति से चयनित वेतनमान का लाभ दिया गया है। इन वित्तीय लाभों को वित्त विभाग के नियमों के अधीन नहीं पाया गया है। वेतनमान व चयनित वेतन दिए जाने की अपेक्षित स्वीकृति/सलाह भी राज्य सरकार से नहीं ली गई है। बिना किसी नियम/अधिनियम और राज्य सरकार की स्वीकृति के अभाव में आंतरिक स्तर पर गठित कमेटी की अनुशंषाओं पर इन बत्तीस कर्मचारियों के नियमितीकरण में लोक सेवाओं में नियुक्तियों का विनियमन व स्टाफ का सुव्यवस्थीकरण अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया है। 

गौरतलब है कि राज्यपाल कल्याणसिंह राज्य में उच्च शिक्षा के सुधार के लिए निरन्तर प्रयासरत है। सिंह चाहते हैं कि राजस्थान के राजकीय विश्वविद्यालयों के कार्यों में पूर्णतः निष्पक्षता और पारदर्शिता का पालन होना चाहिए।

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