36 साल बाद भारत लौटा गजानंद, बॉडर पार करते ही लड़खड़ाते कदमों से बैठ गया जमीन पर

जागरूक टाइम्स 334 Aug 13, 2018

जयपुर @ जागरूक टाइम्स

36 साल से पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद जयपुर के गजानंद शर्मा आखिरकार सोमवार दोपहर को अपनी सरजमीं पर लौट आए। उन्होंने पंजाब की बाघा बॉर्डर से भारत की सरजमीं पर कदम रखा। देश की आजादी के पर्व से ठीक पहले गजानंद के लिए सोमवार का दिन भी किसी आजादी या नए जन्म से कम नहीं है। बॉडर पार करने के बाद गजानंद धीरे-धीरे कदमों से चलकर भारत की सीमा में प्रवेश किया फिर थक कर एक बार जमीन पर बैठ गए।

आपको बता दे कि पाकिस्तान ने गजानंद के साथ 29 मछुआरे को रिहा किया गया। बताया रहा है कि कागजी कार्रवाई के बाद गजानंद जयपुर रवाना होंगे। गजानंद की तबीयत खराब बताई जा रही है। शर्मा के परिवार की दुआओं और प्रदेश के कुछ जनप्रतिनिधियों की पहल के चलते पाकिस्तान जेल में बंद गजानंद शर्मा की रिहाई संभव हो पाई है।
जानकारी के अनुसार दूतावास की प्रक्रिया के बाद 14 या फिर 15 अगस्त को ही गजानंद शर्मा जयपुर पहुंच पाएंगे। हालांकि सांसद रामचरण बोहरा ने बॉर्डर पर अपने प्रतिनिधि के तौर पर पंजाब के विप्र फाउंडेशन के अध्यक्ष सहदेव शर्मा को गजानंद शर्मा को लेने भेजा दिया था। सहदेव शर्मा अपनी टीम के साथ बॉर्डर पर गजानंद से मुलाकात किया फिर उसके बाद दूतावास कर्मचारी शर्मा को अपने साथ ले जाएंगे। आपको बता दे कि मुलत: चौंमू निवासी गजानंद 36 साल पहले भटक कर पाकिस्तान चले गए। परिजनों ने उसे मृत समझ लिया था मगर हाल ही में एक माह पूर्व भारतीय दूतावास के जरिए पाकिस्तान से उसके दस्तावेज सत्यापन की खबर आई तो पता चला कि गजानंद पाकिस्तान की लखपत जेल में बंद है। उसके बाद उसके परिजन व राजनेता व सामाजिक संगठन उसको भारत लाने की मुहीम में लग गए।

दिवाली से बड़ा त्योहार जैसा

गजानंद शर्मा के बेटे मुकेश ने कहा कि पिता की तलाश में कहां-कहां नहीं भटके। सांसद रामचरण बोहरा, सभी समाज और समुदाय के लोगों की दुआ, सामाजिक संगठनों का सहयोग और मीडिया ने हमारी आवाज आगे तक पहुंचाई। सभी का अहसान है। सोमवार को पिता गजानंद भारतीय सीमा में आ जाएंगे। लेकिन कुछ कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें हमारे सुपुर्द किया जाएगा। मुकेश ने बताया कि 36 साल बाद उसके पिता की घर वापसी पर पूरा परिवार व रिश्तेदार इस पल को किसी दिवाली जैसे बडे त्योहार की तरह मान रहे है।

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