गुर्जर नेताओं और सरकार केे बीच बनी सहमति, जानिए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के हालात...

जागरूक टाइम्स 255 Aug 17, 2018

- सात दिन मेंं समझौता पत्र के सभी बिंदुओं की पालना होगी

- मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा, 19 मई के समझौते की मांगेेंं पूरी कर दी, कुछ बिंदू प्रक्रियाधीन

- आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जर नेताओं में दो फाड़, हिम्मत सिंह व दो नेता ने की सरकार से वार्ता

- कर्नल बैंसला ने तीनों नेताओं को किया निष्कासित

जयपुर @ जागरूक टाइम्स

आरक्षण की मांग को लेकर संघर्षरत गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति में दो फाड़ हो गई है। समिति के संयोजक कर्नल किरोडी सिंह बैंसला के नेतृत्व में गुर्जरों ने भरतपुर संभाग सहित गुर्जर बाहुल्य इलाकों में मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा को नहीं निकलने देने का ऐलान कर दिया और मंगवार को गंगापुर में हाईवे जाम कर दिया था। उसी दौरान अब तक समिति के सदस्य के तौर पर कर्नल बैंसला के साथ रहे हिम्मत सिंह, श्रीराम बैंसला और दीवान शेरगढ़ सरकार से बातचीत करने पहुंच गए। इससे नाराज कर्नल बैंसला ने तीनों नेताओं को आरक्षण संघर्ष समिति से निष्कासित कर दिया।


मंगलवार और बुधवार को दिनभर की कैबिनेट सब-कमेटी के तीनों मंत्रियों से हिम्मत सिंह गुट की बात होती रही। इस बीच मुख्यमंत्री बुधवार सुबह दिल्ली रवाना हो गईं और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी की नाजुक हालत के चलते उनकी गौरव यात्रा भी रद्द कर दी गई। इस बीच हिम्मत सिंह गुट लगातार मंत्री अरुण चतुर्वेदी और राजेन्द्र राठौड़ के साथ बात करते रहे।


अंतत: करीब चार बजे हिम्मत सिंह ने बताया कि कैबिनेट सब-कमेटी ने 19 मई के समझौते की पालना के लिए डीओपी को प्रस्ताव भेज दिया है और सात दिन में इसकी पालना का वादा किया है। उन्होंने बताया कि द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती अदालती आदेश से अटकी हुई है। कैबिनेट सब-कमेटी ने इस भर्ती में एमबीसी के तहत एक प्रतिशत तथा नर्सिंग, लेखाकार, पटवारी और सांख्यिकी सहायक भर्ती में ओबीसी का चार प्रतिशत आरक्षण छाया पद सृजित करके देने का प्रस्ताव डीओपी को भेज दिया है। 


डीओपी इस प्रस्ताव को सात दिन में क्रियान्वित करेगी। गुर्जर आरक्षण संषर्घ समिति से निष्कासन पर हिम्मत सिंह ने कहा कि कर्नल बैंसला भी समाज के लिए काम कर रहे हैं और हम भी। लंबित मुकदमे वापिस लेने के बिंदू पर उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई विवाद न था और ना ही अभी है।

बैसला गुट के नेताओं ने कहा, फाइनल तो हम ही करेंगे 

उधर मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा स्थगित होने के बाद कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने भी हाईवे जाम स्थगित करने का फैसला किया और जाम उठा लिया। समिति के सदस्य एडवोकेट शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि बिना अनुमति के कैबिनेट सब-कमेटी से वार्ता करने पहुंचे तीनों नेताओं को समिति से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि समिति ने गौरव यात्रा स्थगित होने के कारण हाईवे जाम व संघर्ष स्थगित किया है। 


यदि सरकार इस बीच 19 मई के समझौते की पालना में आदेश जारी कर देती है तो ठीक है वरना मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा को निकलने नहीं दिया जाएगा। कैबिनेट सब-कमेटी के प्रस्ताव पर यदि सरकार समझौते की पालना में जो भी आदेश जारी करेगी उसे कर्नल बैंसला के नेतृत्व में परखा जाएगा और संतुष्ट होने पर ही आंदोलन को बंद किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो फिर संघर्ष समिति आंदोलन के तहत गौरव यात्रा को रोकेगी।


बताया जा रहा है कि सरकार ने कर्नल बैंसला को मनाने के लिए आईएएस अफसर नीरज के पवन को धरना स्थल पर भेजा था। समिति सदस्य एडवोकेट शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि नीरज पवन को समझौते की जानकारी ही नहीं थी। इस पर उन्हें बताया गया कि 19 मई के समझौते के बिंदू संख्या 2, 4, 12 और 14 की अक्षरश: पालना करने में सरकार विफल रही है।

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इन बिंदुओं पर है झगड़ा

इन बिंदुओं के अनुसार नौ दिसंबर 2016 से 21 दिसंबर 2017 तक के बीच भर्तियों में पांच के स्थान पर एक फीसदी आरक्षण देने, एसएलपी के लंबित रहने के दौरान चार फीसदी पदों का भूतलक्षी प्रभाव से एसएलपी के अधीन सृजन करने, वर्तमान रोस्टर की गलतियों को सुधारने, द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती को पीटीआई द्वितीय व तृतीय श्रेणी के समान ही राज्य स्तरीय भर्ती मानने का परीक्षण करने, आरएएस भर्ती 2016 में भी आरक्षण रोस्टर की गणना कर समीक्षा करने, रोस्टर के अनुसार भर्ती के लिए सभी विभाग में नोडल अफसर नियुक्त करने, 10 दिन में मुकदमे वापिस लेने, देवनारायण योजना का लाभ अनुसूचित जनजाति के लिए आवश्यक अध्ययन करवाना शामिल है।

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