कांग्रेस ने 3 महीने पहले लोकसभा उम्मीदवार तलाशने शुरू किए

जागरूक टाइम्स 182 Jan 12, 2019

जयपुर (ईएमएस)। अगले तीन महीनो के बीच लोकसभा चुनाव प्रस्तावित है राज्य कांग्रेस ने सभी 25 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है इसके लिए उम्मीदवारों का चयन शुरू कर दिया गया है पर विधानसभा में निन्यानवें के फेर का मिले बहुमत को देखते हुए सोच समझके तय किया है कि जीते हुए किसी विधायक को लोकसभा नहीं लडया जायेगा। कांग्रेस आलाकमान ने राज्य शीर्ष नेतृत्व की संयुक्त रणनीति में सामने आया है कि वर्तमान विधायकों को लोकसभा लड़ाकर कोई खतरा मोल नहीं लिया जाएगा।

पार्टी ने मजबूरी में यह फैसला किया है क्योंकि पार्टी की समस्या यह भी है कि नए उम्मीदवारों को कहां से ढूंढा जाए 200 सदस्यीय विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के 99 विधायक ही जीते है अगर कांग्रेस रामगढ का चुनाव, जो 28 जनवरी को होना है जीत भी जाती है तो भी विधायकों की संख्या 100 तक ही पहुंचेगी, जो बहुमत से एक कम होगी। इसलिए पार्टी वर्तमान विधायकों में से किसी को टिकट देकर रिस्क नहीं लेना चाहती है सूत्र बताते है कि कांग्रेस हाईकमान की ओर से निर्णय लिया गया है

कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन का काम जल्द शुरू करने जा रही है और कांग्रेस की ओर से राज्य की सभी 25 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों का पैनल तैयार करने का काम जिला कांग्रेस की आज बैठक के साथ आरंभ हो जाएगा जिला प्रभारी मंत्री और विधायकों के साथ ही प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी भी पैनल बनाने में रहेंगे। आलाकमान का निर्देश है कि इस माह के अंत तक सभी 25 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के पैनल तैयार कर केन्द्रीय नेतृत्व को भेज दिया जाएं।

कांग्रेस की समस्या यह है कि राजस्थान में उसने सत्ता तो हासिल कर ली है लेकिन लोकसभा सीटों के अनुसार देखा जाए तो पार्टी 25 में से 12 सीटों पर वोट प्रतिशत से बढत बना पाई है जबकि भाजपा ने लोकसभा की 13 सीटों पर बढत बनाई है हालिया विधानसभा चुनाव में मिले वोटों की बातें करें तो कांग्रेस को टोक सवाई माधोपुर, सीकर नागौर, जोधपुर, झुझुनूं, करौली, धौलपुर, जयपुर ग्रामीण, भरतपुर, बाडमेर, जैसलमेर बीकानेर, दौसा और चूरू लोकसभा, सीटों पर ही भाजपा से जयादा वोट मिले है

वहीं भाजपा उदयपुर, राजसमंद, कोटा बूंदी, पाली, जालौर, सिरोही, झालावाड बांरा, जयपुर, श्रींगगागनर, अलवर, चित्तौडगढ, तथा डूंगरपुर बांसवाडा, भीलवाडा और अजमेर में कांग्रेस से आगे रही है कांग्रेस की समस्या यह भी है कि जिन लोकसभा सीटों पर पार्टी को बढत मिली है वहां पर भी उसके पास आज ऐसे चेहरे नहीं है जो जीतने का मादा रखते हो ऐसे में विधायकों पर दांव खेलकर पार्टी बहुमत से दूर होने का खतरा भी मोल नहीं लेना चाहती है शायद यही बडा कारण है कि पार्टी ने तीन महीने पहले ही उम्मीदवारों को खोजने का काम शुरू कर दिया है ताकि जिन सीटों पर पार्टी आगे रही है वहां तो कम से कम जीत हासिल कर सकें।


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