प्रदेश की 25 सीटें जिनके गढ़ को कांग्रेस हर हाल में भेदना चाहती है, यह है वजह...

जागरूक टाइम्स 139 Sep 3, 2018

जयपुर @ जागरूक टाइम्स

राजस्थान विधानसभा चुनाव के रण को जीतने के लिए कांग्रेस को 25 सीटों पर जीत का परचम लहराना होगा। ये वो सीटे हैं जिन पर कांग्रेस तीन बार या उससे ज्यादा बार चुनाव हार चुकी है। लिहाजा कांग्रेस ने इन 25 सीटों को जीतने के लिए स्पेशल प्लान बनाया है। सेवादल कांग्रेस को इन सीटों की विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए पहले सेवादल के पदाधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी और फिर इन सीटों के मुद्दों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। बाद में सेवादल के ये प्रशिक्षित पदाधिकारी डोर टू डोर प्रचार अभियान शुरू करेंगे।

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सत्ता हासिल करने की कवायद में जुटी कांग्रेस इस बार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके लिए कांग्रेस की नजरें लगातार हारने वाली या फिर कई दफा हारने वाली सीटों पर विजय दर्ज करने पर होगी। राजस्थान विधानसभा में 25 सीटें कांग्रेस के लिए हर चुनाव में सिरदर्द साबित हुई है। क्योंकि इन सीटों पर कांग्रेस को जीत का स्वाद चखे हुए कई सालों हो गए हैं। 

ये हैं वो 25 सीटें

प्रतापगढ़, झालरापाटन, चूरु, उदयपुर शहर, सांगानेर, खानपुर, थानागाजी, लाडपुरा, तारानगर, राजसमंद, बिलाड़ा, भीलवाड़ा, आसिंद, जैतारण, नदबई, भरतपुर, धोद, कुशलगढ़, दौसा, नवलगढ़, रतनगढ़, जैसलमेर, भीम, जोधपुर शहर और सोजत।

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बनाई विशेष योजना

इन सीटों को जीतने के लिए कांग्रेस ने इस बार खास और विशेष रणनीति तैयार की है। इस बार बीजेपी को घेरने के लिए औऱ शिकस्त देने के लिए कांग्रेस सेवादल को टास्क देने जा रही है। इसके लिए पहले सेवादल इन सीटों का पूरा सर्वेक्षण करेगी। उसके बाद अपने पदाधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग देगी। बाद में सेवादल के पदाधिकारी इन सीटों पर डोर टू डोर प्रचार करेंगे। दरअसल, इन सीटों पर अधिकतर भाजपा के दिग्गज चुनाव जीतकर आते हैं। पहले सेवादल की चुनाव में सक्रिय भूमिका होती थी। लिहाजा एक बार फिर सेवादल को पार्टी ने चुनाव के दौरान अहम रोल देने का निर्णय लिया है। अब देखना होगा की इस बार कांग्रेस का मिशन 25 कितना कामयाब होता है।

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