गैंगस्टर का एनकाउंटर, आनंदपाल का खेल खत्म

जागरूक टाइम्स 126 May 24, 2018
चूरू : राजस्थान के चूरू जिले में पांच लाख का ईनामी कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिहं पुलिस मुठभेड में मारा गया, जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक मनोज भट्ट ने बताया कि उसने चूरू जिले के एक मकान में शरण ले रखी थी। गौरतलब है सितम्बर 2015 में नागौर की एक अदालत में पेशी के बाद वापस अजमेर जेल में भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच लाते समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए आनंदपाल ने एक मकान में शरण ले रखी थी। मुठभेड़ के दौरान आनंदपाल और उसके दो साथियों ने एके 47 समेत अन्य हथियारों से 100 राउंड फायर किए। इस दौरान आनंदपाल को 6 गोलियां लगी। आनंदपाल राजस्थान, मध्य प्रदेश यूपी, पंजाब और हरियाणा में वॉन्टेड था। इस मुठभेड से पहले राजस्थान पुलिस ने दिन में आनंदपाल के भाई रूपेन्द्र पाल सिंह और उसके साथी देवेन्द्र उर्फ गटटू को हरियाणा के सिरसा से पकडने में एक बड़ी सफलता हासिल की। पकड़े गये दोनों अपराधियों के सिर पर एक-एक लाख रुपये का ईनाम था। आनंदपाल करीब दो दर्जनों मामलों में डीडवाना, जयपुर, सीकर, सुजानगढ, चूरू, सांगानेर सहित अन्य स्थानों पर वांछित था। वह नागौर के डीडवाना में जीवन राम गोदारा की हत्या, सीकर जिले में गोपाल फोगावट हत्या मामले में वांछित था। पुलिस सूत्रों की मानें तो उन्हें आनंदपाल के साथियों ने ही बताया था कि वह सालासर में छुपा हुआ है। दरअसल एसओजी ने आनंदपाल के दो भाइयों देवेंद्र उर्फ गुट्?टू और विक्की को हरियाणा के सिरसा से गिरफ्तार किया था। पिछले डेढ़ महीने से एसओजी के आईजी दिनेश एम।एन। की अगुवाई में एडिशनल एसपी संजीव भटनागर हरियाणा में डेरा डाले हुए थे। कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार देवेंद्र और विक्की एसओजी के हत्थे चढ़ गए। दोनों से पूछताछ में पता चला कि आनंदपाल सालासर में श्रवण सिंह नामक शख्स के घर में छिपा हुआ है। दो दिन पहले ही आनंदपाल यहां आया था। खबर पुख्ता होने के बाद एसओजी ने घेराबंदी कर आनंदपाल को पकडऩे की कोशिश की। पुलिस टीम इससे पहले कुछ समझ पाती आनंदपाल ने घर की छत से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। एसओजी ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। गोलीबारी में आनंदपाल मारा गया। उसे 6 गोलियां लगीं थीं। गौरतलब है, गैंगस्टर आनंदपाल सिंह कड़ी सुरक्षा के बीच से संदेहास्पद परिस्थितियों में भाग निकला था। इस हिस्ट्रीशीटर को पिछले डेढ़ साल से पुलिस हाथ तक नहीं लगा पाई थी। आनंदपाल को पकडऩे में अब तक करीब 8 से 9 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। पाल की मौत के बाद राजस्थान सरकार ने चैन की सांस ली है। आनंदपाल इतना शातिर बदमाश था कि वह पिछले एक साल में 7 बार पुलिस को चकमा दे चुका था। आनंदपाल अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को बेहद पसंद करता था। वह दाऊद से जुड़ी हर खबर को पढ़ता था, उसे फॉलो करता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आनंदपाल जब जेल में बंद था, उस वक्त वह दाऊद पर लिखी किताबें पढ़ा करता था।

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