कांगो फीवर से दहशत में लोग,संदिग्ध पीड़ित की हुई मौत, कुल 3 लोगों की मौत

जागरूक टाइम्स 422 Sep 21, 2019

बाड़मेर (ईएमएस)। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग में कांगो फीवर के चलते दहशत का माहौल है। संभाग के बाड़मेर जिले में कांगो फीवर संदिग्ध पीड़ित एक मासूम की भी मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार जोधपुर संभाग में कांगो फीवर के चलते इससे पहले एक महिला और एक पुरुष की मौत हो चुकी है। बता दें कि बाड़मेर में कांगो फीवर का संदिग्ध रोगी जिले के समदड़ी तहसील क्षेत्र के जेठन्तरी गांव में पाया गया था। यहां रहने वाले राहुलदास (13) पुत्र रमेश दास वैष्णव को 2-3 दिन से बुखार आने पर उसे बालोतरा के नाहटा अस्पताल में भर्ती किया गया था।

उपचार के दौरान स्थिति गंभीर होने पर उसे जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया, जहां जांच रिपोर्ट में वह कांगो फीवर संदिग्ध पाया गया। इसके बाद उसकी जांच रिपोर्ट को पुणे भेजा गया। इस बीच राहुलदास को अहमदाबाद के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।बाड़मेर बीसीएमओ के निर्देश पर डॉक्टर विशाल दाधीच समेत मेडिकल टीम जेठन्तरी पहुंची और वहां मृतक के परिजनों समेत उनके पड़ोसियों के खून की जांच के सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा पशु चिकित्सक राजेंद्र सिंह की टीम ने गांव के अंदर पशुओं के बाड़े में भी दवाइयों का छिड़काव किया है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे पशुओं से दूर रहें, पशुओं के बाड़ों में स्वच्छता रखें और वहां दवाइयों का छिड़काव करें।

बुखार आने पर तुरंत अस्पताल में जाकर जांच कराएं.गौरतलब है कि बीते दिनों जोधपुर एम्स में भर्ती 40 वर्षीय महिला और 18 वर्षीय युवक की मौत कांगो फीवर से हो चुकी है। इनमें महिला जोधपुर जिले के बोरुंदा की और युवक जैसलमेर जिले का रहने वाला था। कांगो फीवर से मौत की पुष्टि के बाद चिकित्सा विभाग और दिल्ली से आई एनसीडीसी की टीम ने बोरुंदा गांव में जाकर 250 लोगों के सैम्पल लिए थे। वहीं जोधपुर एम्स में एक डॉक्टर व एक नर्सिंगकर्मी के भी कांगो फीवर संदिग्ध होने पर उनकी भी जांच कर सैम्पल पुणे की लैब में भेजे गए थे। बता दें कि पशुओं के साथ रहने वालों को कांगो फीवर का खतरा अधिक होता है। कांगो फीवर पशुओं की चमड़ी से चिपके रहने वाला हिरोमल नामक एक परिजीवी के कारण होता है। फिलहाल जोधपुर संभाग में कांगो फीवर के आधा दर्जन मरीज सामने आ चुके हैं।


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