हाथीतला हिरण शिकार प्रकरण : छठे दिन भी वन्यजीव प्रेमियों का धरना जारी

जागरूक टाइम्स 194 Jul 30, 2018

- नामजद शिकारियों को गिरफ्तार वकरने की मांग

बाड़मेर @ जागरूक टाइम्स

जिले के हाथीतला में हिरण के शिकार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर श्री जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा प्रदेश संस्था एवं हाथीतला के ग्रामीणों द्वारा दिया जा रहा धरना आज सोमवार छठे दिन भी जारी रहा।

वन्यजीव प्रेमियों व हाथीतला ग्रामीणों जम्भेश्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा के प्रदेश महामंत्री पीराराम घायल के नेतृत्व में बाड़मेर जिला कलक्टर शिव प्रसाद मदन नकाते को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपकर नामजद शिकारी इब्राहिम खान पुत्र सफी खान तेली निवासी हाथीतला व एक अन्य को गिरफ्तार करने के साथ मृत हिरण के अवशेष नष्ट करने के आरोपी चेतनराम पुत्र करनाराम भील व उम्मेदाराम पुत्र धनाराम को गिरफ्तार करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि इन्हीं लोगों द्वारा चिंकारा हिरण का शिकार किया गया है। उन्होंने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ मृत हिरण के अवशेष बरामद करने की मांग की है।

साथ ही उन्होंने बताया कि शिकारियों द्वारा वन्यजीवों का शिकार कर उनके मांस को सप्लाई किया जाता है। उन्होंने वन्यजीवों का मांस सप्लाई की जगह का पता लगाकर सप्लाई पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है। तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। साथ ही उग्र प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा।

धरने के दौरान श्री जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा प्रदेश संस्था के जालोर जिला मंत्री मोहनलाल कड़वासरा आरवा, प्रदेश महामंत्री पीराराम धायल, जिला अध्यक्ष जय किशन भादू, जिला प्रभारी भंवरलाल भादू और समाजसेवी रणवीरसिंह भादू, बजरंग दल के जिला अध्यक्ष सुखदेव सोनी, ठेकेदार हजारीदान चारण, रूखाराम दुगेर, सत्यनारायण जांगिड़, चंदन दुगेर, रमेश बेनीवाल, हीराराम सोनी, नरेश दुगेर, लाधगिरी गोस्वामी सहित वन्यजीव प्रेमी मौजूद रहे।

ग्रामीणों का आरोप, सूचना के बाद भी नहीं पहुंचते अधिकारी

ग्रामीणों ने वन विभाग पर सूचना के बावजूद भी नहीं पहुंचने का आरोप लगाया है। एक ग्रामीण ने बताया कि करीब दो दिन पूर्व एक हिरण पर आवारा श्वानों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने मशक्कत कर उस हिरण को श्वानों के चंगुल से छुड़ाया और वन विभाग को सूचना दी, लेकिन विभाग का कोई कार्मिक नहीं पहुंचा। वहीं वन विभाग के कार्मिकों ने ग्रामीणों से अपने स्तर पर घायल हिरण को पहुंचाने की बात की। ग्रामीण हिरण को अपने स्तर पर ले जा रहे थे। इस दौरान हिरण ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 6 से 8 घंटे तक ग्रामीण विभाग के कार्मिको की राह देखते रहे।

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