बहु के साथ दुष्कर्म के आरोपी ससुर को सात वर्ष का कारावास

जागरूक टाइम्स 1160 Jul 26, 2018

- पति भी दोषी करार, तीन वर्ष की सजा

बाड़मेर @ जागरूक टाइम्स

अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या -2 ने पुत्रवधु के साथ बलात्कार के मामले में आरोपी ससुर को सात वर्ष के कठोर कारावास व दो हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पीडि़ता के पति को भी प्रताडऩा, मारपीट व बलात्कार के मामले को दबाने का दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

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अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 22 गवाह व 21 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। सबूतों और गवाहों के मध्यनजर न्यायाधीश सुरेंद्र खरे ने आरोपी हीराराम को अपनी पुत्रवधु के साथ बलात्कार का दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास व दो हज़ार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

वहीं आरोपी पति बांकाराम उर्फ पूनमाराम को अपनी पत्नी को आपराधिक आशय से फुसलाकर निरुद्ध करने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के कारावास व दो हजार के अर्थदंड तथा मारपीट का दोषी मानते हुए एक वर्ष के कारावास व एक हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ में चलेगी। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुरेश मोदी ने पैरवी की।

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यह है मामला

अपर लोक अभियोजक सुरेश मोदी ने बताया कि प्रकरण के तथ्यों के अनुसार पीडि़ता ने एक लिखित रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक बाड़मेर के समक्ष दिनांक आठ जुलाई 2015 को प्रस्तुत की। जिसमें बताया कि उसकी शादी एक साल पहले हुई थी। शादी के बाद पति मजदूरी करने के लिए बाहर गया हुआ था। उसका ससुर सरकारी नौकर है और जब भी घर आता तो उसे बुरी नजर से देखता था। एक रात उसके ससुर ने मुहं दबाकर जान से मारने की धमकी दी और दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जिंदा जला देने की धमकी भी देता था। यह बात जब उसने अपनी सास को बताई तो वो अपने आरोपी पति का सहयोग करती रही।

पति जब घर लौटा तो पीडि़ता ने अपने पति को पूरी घटना बताई, पति ने भी इस पर कुछ नहीं किया। उलटा पति ने कहा कि ससुर ही परिवार का मुखिया है जो कर रहे हैं वो सहन करो अन्यथा जान से मार देंगे। परिवाद में आरोप लगाया कि पति ने उसको दबाव में रखते हुए मारपीट की, जिससे वह लहूलुहान भी हो गई। जिसके बाद मुझे अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे बाड़मेर रेफर किया गया। इलाज के बाद मुझे वापस ससुराल लाया गया। इस घटना की सूचना पीडि़ता की बहन ने उसके पिता को दी।

जिस पर उसके पिता ससुराल आए और उसकी हालत देखकर बाड़मेर में इलाज करवाने के बाद पीहर ले गए। मामले को लेकर पंचायती भी हुई, लेकिन आरोपियों ने कहा कि तुम्हारे घर में मेरी बच्ची की भी शादी हुई है। किसी प्रकार की कोई कार्यवाही करने पर पूरे परिवार को झूठा फंसने की धमकी दी। पीडि़ता ने बताया कि आरोपियों ने मेरा स्त्रीधन ले लिया। इस पर पुलिस थाना चौहटन प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान के बाद आरोपी ससुर हीराराम, पति बांकाराम उर्फ पूनमाराम व सास आसुदेवी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।

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