दो बच्चों को टांके में फेंक मां ने खुदकुशी,बेटी को जिंदा निकाला

जागरूक टाइम्स 58 May 24, 2018
बाड़मेर । यहां एक गांव में एक दर्दनाक हादसे में मां ने अपनी दो बच्चों को कुएं में फेंकने के बाद खुदकुशी कर ली। जानकारी मिलने पर पति ने भी मौत को गले लगा लिया। उधर, लोगों ने बेटी को कुएं से जीवित निकाल लिया, जबकि बेटे को नहीं बचा सके। पुलिस ने पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। बायतू निवासी भोलाराम का अपनी पत्नी सुंदरी से अक्सर विवाद होता रहता था। बुधवार को भी किसी बात को लेकर दोनों में खूब झगड़ा हुआ था। गुस्साया भोलाराम घर से चला गया। घर पर पत्नी, बेटा प्रवीण (2) और बेटी सुमित्रा (5) थी। विवाद के बाद गुस्साई सुंदरी दोनों बच्चों को लेकर घर से निकली और पास के कुएं में फेंक आई। घर लौटकर उसने फांसी लगा ली। इधर, बच्चों के चिल्लाने पर पड़ोसी कुएं के पास पहुंचे तो दोनों बच्चे कुएं में दिखाई दिए। जब तक वे दोनों को बाहर निकाल पाते बेटे प्रवीण ने दम तोड़ दिया था, जबकि सुमित्रा की सांसे चल रही थी। दोनों बच्चों को लेकर पड़ोसी जब भोलाराम के घर पहुंच तो यहां संदरी फांसी के फंदे पर झूल रही थी। इसके बाद उन्होंने फोन करके जल्द से जल्द घर आने को कहा और बच्चों को अस्पताल ले गए। पति भीतर दाखिल हुआ तो फंदे पर लटकी थी पत्नी:- भोलाराम जब लौटा तो घर के बार लोगों की भीड़ जमा थी। यह देख वह हैरान रह गया और दौड़कर घर के भीतर दाखिल हुआ। भीतर पत्नी सुंदरी फंदे से लटक रही थी और प्रवीण मृत पड़ा था। यह देख वह बदहवास हो गया और बिना कुछ कहे बाइक उठाकर वहां से चला गया। भोलाराम के जाने के बाद किसी अनहोनी की आशंका में पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर गिड़ा थाना अधिकारी सीआई गुमनाराम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तलाश शुरू की। रात में पुलिस को सूचना मिली कि 10 किमी दूर लापुंदड़ा गांव के बाहर कुएं में एक युवक ने कूद कर आत्महत्या कर ली है। जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को यहां भोलाराम की लाश मिली। सिलाई का काम करती थी:- पुलिस के अनुसार भोलाराम एम पावर (पश्चिमी राजस्थान गरीबी शमन परियोजना) में काम करता था। जबकि पत्नी सुंदरी घर पर सिलाई का काम करती थी। भोलाराम अपने दो भाइयों से अलग रहता था।

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