रोजवेज का चक्काजाम दूसरे दिन भी रहा जारी, आमजन की बढ़ी मुश्किलें

जागरूक टाइम्स 200 Jul 26, 2018

- यूनियन के पदाधिकारी बोले - सरकार ने नहीं मानी मांगें तो रोडवेज में सफर करने वाले यात्रियों में सरकार का करेंगे दुष्प्रचार

बाड़मेर @ जागरूक टाइम्स

प्रदेशभर में रोडवेज कर्मचारी अपनी 13 सूत्री मांगों के लेकर चक्काजाम हड़ताल आज गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रही। वहीं आमजन काफी परेशान नजर आए। रोजमर्रा की तरह जिले के क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कइयों को रूट पर जाने के लिए वाहन नहीं मिला तो कई लोगों को निजी बसों में सफर करना पड़ा, जिससे निजी बस संचालकों की चांदी रही। वहीं लोगों ने ट्रेन में सफर करना उचित समझा। जिससेट्रेनों में भी भारी भीड़ रही और लोगों को खड़े-खड़े ही ट्रेनों में सफर करना पड़ा।

राजस्थान स्टेट रोडवेज एंप्लाइज यूनियन एटक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद मंजूर कुरैशी ने बताया कि रोडवेज यूनियन प्रदेश कमेटी के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर दो दिवसीय चक्काजाम पर है। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा 13 सूत्रीय वाजिब मांग पत्र प्रशासन व राज्य सरकार को प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना है कि हमारी इन वाजिब मांगों पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। जिसके चलते रोडवेज कार्मिकों द्वारा चक्काजाम किया जा रहा है। उन्होंने परिवहन विभाग सहित सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2015 से कार्मिकों का करीब 600 करोड़ रुपए बकाया है, जो उन्हें नहीं मिल पा रहा है।

वहीं रोडवेज सेवा दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, जिस पर सरकार अमल नहीं कर रही है। उनका कहना है कि परिवहन विभाग रोडवेज को पूर्णता बंद करने में लगी हुई है। जिसका खामियाजा रोडवेज कार्मिक भुगत रहे हैं। सरकार व परिवहन विभाग समय रहते रोडवेज कार्मिकों की वाजिब मांगें नहीं मानती है तो हम सरकार को बदलने की ताकत भी रखते हैं। कुरैशी ने कहा कि मांगें ना माने जाने पर हम बस में सफर करने वालों यात्रियों में सरकार का दुष्प्रचार करेंगे और दुष्प्रचार के माध्यम से ही सरकार को जवाब देंगे। वहीं सरकार को गिराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

रोडवेज कार्मिकों की हड़ताल से काफी असर पड़ा है। एक दिन में करीब 10 से 11 लाख की आय सरकार को होती है। दो दिन की बात करें तो करीब 22 लाख रुपए राजस्व का नुकसान हुआ है। वहीं विभिन्न मार्गों पर चलने वाली करीब 80 बस बंद हैं।

-यशवंतराज सिंगारिया, डिपो मैनेजर, बाड़मेर

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