किसानों के साथ धोखा कर रही सरकार : भादू

जागरूक टाइम्स 488 Jul 17, 2018

बाड़मेर @ जागरूक टाइम्स

सामाजिक कार्यकर्ता रणवीरसिंह भादू ने कहा कि किसान देश का पेट भर रहा है और किसान का बेटा बॉर्डर पर देश की सुरक्षा में जुटा है। उसी किसान की देश मे स्थिति दयनीय है। वे मंगलवार को शहर के डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों को बीमार कर दिया। वहीं बीजेपी सरकार ने किसानों को आईसीयू में भर्ती कर दिया। भादू ने कहा कि सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। केंद्र की मोदी सरकार ने साढ़े चार साल बाद किसान को लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने की घोषणा की, लेकिन जिस डेढ़ गुना की बात सरकार कर रही है, वह ए2 फार्मूला ही लागू कर पाई है। जबकि देश का किसान सी2 फार्मूला के तहत डेढ़ गुना मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने जिन फसलों को एमएसपी दर खरीद की घोषणा की है। यह सिर्फ घोषणा ही साबित हो रही है, वास्तविक धरातल पर यह लागू नहीं हो पाई। क्योंकि सरकार ने घोषणा तो कर दी, लेकिन बाड़मेर जिले में सरकार का एक भी खरीद केंद्र नहीं है। तो किसान क्या जयपुर जाकर अपनी फसल को बेचेंगे? उन्होंने कहा कि देश के किसानों के लिए बने एकमात्र आयोग डॉ. स्वामीनाथन आयोग ने केंद्र को 2007 में सी2 फार्मूले के तहत लागत का डेढ़ गुना देने की सिफारिशें की थी, जो केंद्र सरकार ने आज तक नहीं मानी है और देश का किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने के लिए पिछले करीब 10 वर्षों से मांग कर रहा है। यदि सरकार वास्तव में किसानों का भला चाहती है तो सी2 फार्मूले के तहत लागत का डेढ़ गुना एवं सभी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर खरीद केंद्र खोलें।

उन्होंने कहा कि ऋण माफी के नाम पर भी सरकार ने किसानों को कोई राहत नहीं दी। दो हैक्टेयर भूमि पर किसान को 50 हज़ार माफी की योजना थी, लेकिन बाड़मेर के प्रत्येक किसान के पास 2 हैक्टेयर से अधिक भूमि है। जिनके पास 2 हैक्टेयर भूमि है उन्हें तो कोई ऋण भी नहीं मिला तो फिर ऋण माफी कैसी?

उन्होंने कहा कि जिन फसलों का सरकार ने समर्थन मूल्य बढ़ाया है वे फसलें बाड़मेर में आवश्यकता से कम होती है, तो इससे किसानों को क्या फायदा होगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों का भला चाहती है तो जिले में अधिक मात्रा में उत्पादित हो रही फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए। जिससे किसानों को फायदा मिले और किसान राहत की सांस ले सके।

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