पटवारी ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर जिला कलक्टर को बताया अतिक्रमी

जागरूक टाइम्स 1412 Sep 26, 2018


जिला कलक्टर बोले- मामले की होगी जांच  

दुर्गसिंह राजपुरोहित@ बाड़मेर

जिले के गढ़रा रोड मे एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जहां एक पटवारी ने बाड़मेर जिला कलक्टर को अतिक्रमणकारी बताते हुए ग्वार की खेती करना बताया है। वहीं मामले को लेकर जब जागरूक टाइम्स की बात बाड़मेर जिला कलक्टर शिव प्रसाद मदन नकाते से हुई तो पूरे मामले से अवगत करवाया। मामले को लेकर बाड़मेर जिला कलक्टर ने कहा कि कूटरचित दस्तावेजो से जिसने भी कुछ किया है। मामले मे जांच कि जाएगी और उचित कार्यवाही की जाएगी। 

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क्या है मामला
दरअसल, गढ़रा रोड़ के बंधड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गाँव मे नंदलाल नाम का पटवारी है जो ग्रामीणों के कार्यों के लिए रुपए वसूलता है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पटवारी द्वारा ग्रामीणों से गिरदावरी के लिए 500 रुपए और 5000 रुपए लेकर पटवारी फर्जी रिपोर्ट बनाता है। यहाँ तक की पटवारी ने एक रिपोर्ट मे बाड़मेर जिला कलक्टर को अतिक्रमी बताते हुए संवत 2075 मे खसरा संख्या 140 मे रकबा 656-15 ग्वार की खेती करना बता दिया।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि पटवारी की हिम्मत इतनी कैसे बढ़ सकती है कि वह बाड़मेर के जिला कलेक्टर के नाम से गलत रिपोर्ट बनाकर किसी को दे सकता है? ग्रामीणों के आरोपों पर अगर नजर डालें तो ये पटवारी लंबे समय से ग्रामीणों की दिक्कत की वजह बना हुआ है। उनका कहना है कि ग्रामीणों को हर काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती है और यह पटवारी किसी भी काम के लिए बिना रिश्वत ग्रामीणों से बात तक नहीं करता। ग्रामीणों ने जब बाड़मेर जिला कलेक्टर के नाम से फर्जी रिपोर्ट बनाना पाया तो इसकी प्रति लेकर वह जागरूक टाइम्स कार्यालय पहुंचे।

मामले की होगी जांच- जिला कलक्टर

इस पर जागरूक टाइम्स ने बाड़मेर जिला कलेक्टर शिव प्रसाद मदन नकाते से बातचीत की तो उनका कहना था कि यह प्रकरण पूरी तरीके से उनके संज्ञान में आ गया है और इसकी जांच गंभीरता से की जाएगी कि यह बदमाशी किस स्तर पर की गई है। बाड़मेर जिला कलेक्टर के अनुसार ये गंभीर मामला है और इस जमीन, भूमि के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि पटवारी नंदलाल से इस संबंध में उसके मोबाइल नंबर पर बातचीत करने का प्रयास किया गया। लेकिन, फोन रिसीव नहीं करने के कारण बातचीत नहीं हो पाई। हालांकि, जांच का विषय है कि यह पटवारी द्वारा की गई फर्जीवाड़े की घटना है या फिर किसी ग्रामीण द्वारा इस घटना को कारित किया गया है।

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