पाक जेलों में बंद भारतीयों की रिहाई की मांग के लिए शुरू हुआ आंदोलन

जागरूक टाइम्स 112 Sep 4, 2018


पशु चराते हुए गलती से पहुंच गए थे पाक सीमा में

बाड़मेर। जयपुर के गजानंद शर्मा की पाक जेल से रिहाई के बाद पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले के सीमांत से सटे चौहटन के धनाऊ गांव के निवासी भगुसिंह व अन्य तीन लोगों की रिहाई की मांग के लिए अब आंदोलन शुरू हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि भगुसिंह व अन्य तीन सन 1986 में सीमावर्ती इलाकों में पशु चराने के दौरान भारत पाक सीमा को क्रॉस कर पाक सीमा में चले गए थे, जिसके बाद से ही इन लोगों का कोई पता नहीं है। वहीं इन 4 लोगों के परिजनों द्वारा बाड़मेर जिला कलेक्टर के माध्यम से कई बार ज्ञापन प्रस्तुत कर राज्य व केंद्र सरकार से गुमशुदा लोगों की तलाश कर रिहाई करने की मांग की गई थी। लेकिन, इस संबंध में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।

मामले को लेकर अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा के सैकड़ों लोगों द्वारा बाड़मेर जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राजस्थान गृहमंत्री व बाड़मेर सांसद के नाम ज्ञापन सौंपकर यह मांग की गई है कि चारों भारतीय नागरिक पाकिस्तान में किस स्थिति में है? इस बात की पुष्टि कर इन्हें भारत वापसी के लिए उचित कार्यवाही करवाई जाए।

ज्ञापन में उन्होंने बताया कि भारत पाक सीमा पर पूर्व में तारबंदी ना होने के कारण पशुओं को चराने वाले अनजाने में पशुओं के पीछे-पीछे बॉर्डर पार कर चले जाते थे और पाक सैनिकों के हत्थे भी चढ़ जाते थे। उन्होंने बताया कि बॉर्डर क्रॉस करने वाले इन युवकों को शक की बुनियाद पर कैदी बना दिया गया है, वही पाक की जेलों में उन्हें विभिन्न प्रकार की यातनाएं भी दी जा रही है। ज्ञापन में उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि 1986 में धनाऊ तहसील चौहटन से भगुसिंह जाति रावणा राजपूत, बांदा रामगढ़ जैसलमेर के जमालदीन, सन 1988 में भीलो की ढाणी तहसील चौहटन से टीलाराम, 31 मार्च 1989 में सरूपे का तला तहसील चौहटन से साहूराम मेघवाल आदि लापता है। पाकिस्तान में इनकी पुष्टि कर जल्द रिहाई की मांग अखिल राजस्थान रावणा राजपूत महासभा द्वारा की गई है।

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